जागरण संवाददाता, जौनपुर : अभिनेता कमल हसन के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले लेख व वक्तव्य देने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता आनंद श्रीवास्तव की शिकायत पर एसीजे द्वितीय धनंजय मिश्र की कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया। 18 नवंबर को बयान के लिए परिवादी को तलब किया गया।

अधिवक्ता आनंद निवासी परमानतपुर ने परिवाद दायर किया कि अभिनेता कमल हासन ने तमिल पत्रिका 'आनंद विकतन' में लेख लिखा कि '¨हदू आतंकवाद' वास्तविकता बन चुका है। साथ ही ¨हदू संगठनों को कट्टरपंथी बताते हुए आतंकियों के श्रेणी में खड़ा करने का प्रयास किया। उनके वक्तव्य को अधिवक्ता व गवाहों ने टीवी पर देखा तथा 3 नवंबर को समाचार पत्रों में पढ़ा जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। देश की एकता व अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आनंद की ओर से अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि कमल हसन लोकप्रिय अभिनेता हैं तथा वह जानते हैं कि उनके वक्तव्य व लेख को देशवासी सुनते व पढ़ते हैं। जानबूझकर, दुराशय से मान हानिकारक वक्तव्य दिया गया जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। यह वक्तव्य सियासी फायदे के लिए दिया गया प्रतीत होता है। कोर्ट से मांग किया कि अभिनेता को तलब कर दंडित किया जाए।

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