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मदरसा के बजाय क्लीनिक पर मिले प्रधानाचार्य, उप निदेशक ने खुद 'मरीज' बनकर पकड़ी चोरी

Published: Mon, 06 Jul 2026 10:47 AM (IST)

जौनपुर में मदरसा इस्लामिया गिरधुर के प्रधानाचार्य इदरीस अहमद खान के खिलाफ जांच बिठाई गई है।

मदरसा के बजाय क्लीनिक पर मिले प्रधानाचार्य।

मदरसा के बजाय क्लीनिक पर मिले प्रधानाचार्य।

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जागरण संवाददाता, जौनपुर। मदरसे की बजाय क्लीनिक पर मिले करंजाकल ब्लाक के अनुदानित मदरसा इस्लामिया गिरधुर के प्रधानाचार्य इदरीस अहमद खान के विरुद्ध जांच बिठा दी गई है।

गत दो जुलाई को वाराणसी मंडल के उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विजय प्रताप यादव जांच करने पहुंचे थे, जहां इदरीस मदरसे में उपस्थित रहने की बजाय मरीज देखते मिले। मामले में प्रधानाचार्य का वेतन रोकते हुए जांच बिठा दी गई है।

साथ ही गत छह माह के दाैरान प्रधानाचार्य का जीपीएस आधारित मोबाइल फाेन का ब्योरा मांगे जाने के साथ ही सीसीटीवी का ब्योरा भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं।

अप्रैल में बलुुआ घाट निवासी शाहिल जैदी ने प्रधानाचार्य इदरीस अहमद खान पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वेतन लेने व मरदसे में रहने की बजाय क्लीनिक में मरीज देखने सहित अन्य कई आराेप लगाए थे। जांच करने विजय प्रताप यादव मरीज बनकर सुबह साढ़े दस बजे कोतवाली क्षेत्र के नवाब यूसुफ रोड स्थित खान क्लीनिक ई-रिक्शा से पहुंच गए व खुद की जांच भी कराई।

शक होने पर प्रधानाचार्य इदरीस बहाना बनाकर माैके से निकल लिए। प्रधानाचार्य इदरीस पहले भी अनियमितता कर चुके हैं।

मदरसा शिक्षा बोर्ड परिषद की परीक्षा के दौरान 10 फरवरी 2026 को इनकी ड्यूटी बतौर सहायक केंद्र व्यवस्थापक मझगवां कला स्थित मदरसा अबरे रहमत पर लगाई गई थी। जांच के दौरान अनुपस्थित मिलने पर एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया था, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई।

350 से घटकर करीब 200 रह गई छात्र संख्या

मदरसा इस्लामिया, गिरधरपुर में छात्र संख्या भी लगातार घट रही है। एक समय मदरसे में स्वीकृत स्टाफ में एक प्रधानाचार्य, एक लिपिक, एक अनुचर व 12 शिक्षक शामिल थे।

इनमें चार शिक्षक वर्षों पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं,जबकि दो शिक्षकों ने करीब छह माह पहले वीआरएस ले लिया। छात्र संख्या लगातार घट रही है। एक वर्ष पहले तक मदरसे में लगभग 350 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। वर्तमान में यह संख्या घटकर करीब 200 रह गई है।

दोनों मंडलों में जांच के दिए गए निर्देश

घटना के देखते हुए वाराणसी व आजमगढ़ मंडल के मऊ, बलिया, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली, जाैनपुर व वाराणसी जिलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं। उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह सुनिश्चित किया जाय की शैक्षणिक अवधि में कोई शिक्षक अनुपस्थित न रहे व इसकी व्यापक निगरानी की जाय।

आजमगढ़ में हाे चुकी है कार्रवाई

आजमगढ़ के मुबारकपुर असर्फिया मदरसे में वर्ष 2025 में प्रबंधक, लीपिक व प्रधानाचार्य सहित शिक्षक समहुल हौदा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी शिक्षक समहुल हौदा ने वेतन लिया। मामला खुलने पर 16 लाख 50 हजार रुपये की रिकवरी के साथ ही पेंशन भी रद कर दी गई थी।

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मेरे उपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। मैं अवकाश पर था। क्लीनिक मेरा बेटा चलाता है। तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से अस्पताल गया था। नियमित बायोमिट्रिक उपस्थित दर्ज कराता हूं।
इदरीस अहमद खान, प्रधानाचार्य।

रविवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रधानाचार्य की उपस्थिति की जांच की गई। वह मौजूद मिले। आराेपों के संदर्भ में प्रधानाचार्य व प्रबंधक से जवाब मांगते हुए जांच की जा रही है।
अनीता, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।

यह एक तरह के राजकीय धन के दुरुपयाेग व गबन की श्रेणी का मामला है। मदरसा शिक्षण अवधि के दौरान निजी प्रैक्टिस करना संज्ञेय अपराध है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विजय प्रताप यादव, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, वाराणसी मंडल।