बंकरों में छिप कर ईरानी हमलों से जान बचा रहे भारतीय, रोजगार के लिए गए थे इजरायल; अब जंग बनी मुसीबत
इजरायल में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण जौनपुर के श्रमिक दहशत में हैं। मिसाइल हमलों के ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, जौनपुर। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमला जारी है। ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई से इजरायल में लगातार गिर रहे मिसाइलों के बीच बेहतर कल का सपना लिए गए श्रमिकों की धड़कनें बढ़ गई हैं। दहशत के बीच वह कमरों से नहीं निकल रहे हैं।
बंकर में छिप किसी तरह अपनी जान बचा रहे हैं। सभी के मोबाइल फोन पर संदेश भेजकर सतर्क रहने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही जरूरत के समय मदद दिए जाने का भी भरोसा दिया जा रहा है। दो वर्ष पूर्व जिले के विभिन्न क्षेत्रों से तकरीबन 25 श्रमिक भारत-इजरायल समझौते के बीच वहां नौकरी करने गए हैं।
हमले के बाद इजरायल की चिंताजनक हालात
ईरान की ओर से एक बार फिर इजरायल पर हमले के एलान के बाद वहां गए भारतीयों के लिए खतरा बढ़ गया है। बढ़े हमलों के बीच श्रमिक अपने कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।इसके साथ ही सायरन की आवाज सुनते ही सभी कार्य क्षेत्र के आस-पास बने बंकरों में पहुंचकर खुद को सुरक्षित करते हैं। जिले के श्रमिकों के साथ अभी तक तक तो किसी अनहोनी की सूचना नहीं है, लेकिन सभी के अंदर एक डर समाया हुआ है।
रह-रहकर गिर रही मिसाइलें
सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के जर्रो निवासी मृत्युंजय यादव सौर उर्जा स्टालेशन के लिए इजरायल गए हैं। उन्होंने बताया कि वहां के हालात खराब हैं। शनिवार रात से रह-रहकर आस-पास लगातार बमबारी के साथ ही मिसाइलें गिर रही हैं।
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शाहगंज के बड़ागांव निवासी अनिल गुप्त अपने बूढ़े-मां-बाप को पक्का घर देने के संकल्प के साथ निकले हैं। अनिल इजरायल के ही तेल अवीव में एक कांच का दरवाजा बनाने की फैक्ट्री में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी रात डर के साए में बीती। सायरन की आवाज सुनते ही जान बचाने के लिए बंकरों में जाना पड़ रहा है।
