जौनपुर लूटकांड: पांच पुलिसकर्मी निलंबित, डीआईजी की सख्ती से हरकत में आई पुलिस, तीन गिरफ्तार
जौनपुर में सराफा व्यवसायी से लूट के मामले में डीआईजी वैभव कृष्ण के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने तीन लुटेरों ...और पढ़ें
-1787766448445_m.webp)
पुलिस लाइन में गिरफ्तार लूट के आरोपितों के बारे में जानकारी देते एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव। जागरण
HighLights
सराफा व्यवसायी से लूटे गए तीन लाख रुपये और कार बरामद।
डीआईजी के हस्तक्षेप पर पांच पुलिसकर्मी निलंबित, लापरवाही पर कार्रवाई।
लूट गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, गैंगस्टर एक्ट लगेगा।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के इजरी गांव में मंगलवार की दोपहर शहर के शकरमंडी मोहल्ला निवासी सराफा व्यवसायी आकाश सेठ को कम दाम में सोना बेचने का झांसा देकर बुलाने के बाद बदमाशों ने तीन लाख रुपये व कार लूट ली।
इस प्रकरण में डीआईजी के आदेश पर प्रथम दृष्टया कर्तव्य पालन में उदासीनता बरतने के आरोपित थाने पर तैनात क्षेत्र प्रभारी उपनिरीक्षक राम भुवन यादव, हेड मुहर्रिर संतोष मिश्र, कांस्टेबल राज सिंह, शिवा सिंह व कंप्यूटर आपरेटर महेंद्र को निलंबित कर दिया गया है।
पीड़ित आकाश सेठ के वारदात के बाद थाने में सूचना देने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आकाश ने शाम 7.35 बजे वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण को सीयूजी नंबर पर आपबीती बताई। उनके कहने पर एएसपी (सिटी) आयुष श्रीवास्तव से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद जिले की पुलिस सक्रिय हुई।
आकाश सेठ से तहरीर लेकर बुधवार को मुकदमा दर्ज किया। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने चार टीमें गठित कर दीं। टीमों ने कुछ ही घंटे के बाद वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के सरगना समेत तीन की गिरफ्तारी कर लूटे गए तीन लाख रुपये व कार बरामद कर ली। इस कार्रवाई से महकमे में खलबली मच गई है।
डीआईजी ने कहा, शिथिलता पर हुई कार्रवाई
डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया पूरे प्रकरण की जांच में प्रथम दृष्टया छानबीन में थाना पुलिस की कार्यप्रणाली शिथिल व उदासीनतापूर्ण मिली। पाया गया कि सूचना पर जांचकर्ता उपनिरीक्षक राम भुवन यादव ने समय रहते न तो पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और न ही आरोपितों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की। इसे गंभीरता से लेते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।
ऐसे दिया था गिरोह ने लूट की घटना को अंजाम
आकाश सेठ के मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से गिरोह के सदस्य ने काल कर कहा, उसके पास कस्टम ड्यूटी से चोरी किया गया सोना है। उसे काफी सस्ते दाम पर बेचना है। आकाश सेठ झांसे में आ गए। अपने मित्र सौरभ प्रताप के साथ निजी कार से तीन लाख रुपये लेकर मंगलवार की दोपहर लगभग एक बजे इजरी गांव पहुंच गए। वहां मिले अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह, इंद्रजीत सरोज व विशाल सिंह ने मार-पीटकर तीन लाख रुपये व कार लूट लिए। जान से मार डालने की धमकी देकर आकाश सेठ व सौरभ प्रताप को भगा दिया।
रात दो बजे पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
डीआईजी के तेवर से जिला पुलिस प्रशासन हांफने लगा। मंगलवार की रात लगभग दो बजे कई वाहनों से 18-20 पुलिस कर्मी शकरमंडी पहुंचे और पीड़ित आकाश सेठ को साथ लेकर थाने ले गए। तहरीर लेकर बुधवार की सुबह लूट, मारने-पीटने, जान से मारने की धमकी सहित अन्य संबंधित धाराओं में आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।
गठित की कई चार टीमों ने कुछ ही घंटे के भीतर की गिरफ्तारी व बरामदगी
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने थाना जलालपुर, सर्विलांस व एसओजी सहित चार पुलिस टीमें गठित कर दीं। टीमों ने दबिश देकर दोपहर इजरी मोड़ के पास से उसी गांव के निवासी गिरोह के सरगना अजय सिंह उर्फ पिंटू, शुभम सिंह व केराकत कोतवाली क्षेत्र के निहालापुर निवासी इंद्रजीत सरोज को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के पास से आकाश सेठ से लूटे गए तीन लाख रुपये, कार, फार्च्युनर वाहन व चार मोबाइल फोन मिले। पूछताछ अजय सिंह उर्फ पिंटू ने बताया उसका गिराेह इस तरह की कई वारदातें कर चुका है। बीच में मैं जेल चला गया था। जमानत पर छूटने के बाद फिर वारदातें करने लगा। ऐसे अपराध से मैंने काफी संपत्ति अर्जित की है।
गिरोह के सरगना अजय सिंह उर्फ पिंटू के विरुद्ध जौनपुर व वाराणसी के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, लूट व अन्य धाराओं में 16, शुभम सिंह के विरुद्ध जलालपुर थाने में पांच जबकि इंद्रजीत सरोज के विरुद्ध दो मुकदमे दर्ज हैं। बरामद फार्च्युनर आरोपितों ने अपराध से ही अर्जित धन से एक माह पूर्व ही खरीदी है, जिसे सीज कर दिया गया है। छानबीन कर गैरकानूनी कमाई से अर्जित धन से बनाई गई और संपत्तियां भी सीज की जाएंगी। सभी को गैंग्सटर एक्ट के तहत निरुद्ध किया जाएगा।
-आयुष श्रीवास्तव, एएसपी (सिटी)।
