जौनपुर में 1.25 लाख से अधिक किसानों की अटकी फार्मर रजिस्ट्री, पीएम सम्मान निधि से हो सकते हैं वंचित
जौनपुर में 'एग्री स्टैक' योजना के तहत 1.25 लाख से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अटकी हुई है, जिससे वे ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
जौनपुर में 1.25 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अधूरी।
पीएम किसान व अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित होने का खतरा।
चकबंदी, आधार मिसमैच देरी के मुख्य कारण; अभियान जारी।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न कृषि योजनाओं का पारदर्शी व त्वरित लाभ दिलाने के लिए चलाई जा रही 'एग्री स्टैक' योजना के तहत इन दिनों फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से चल रहा है।
आधार कार्ड की तर्ज पर बनने वाले इस किसान कार्ड को लेकर जिला प्रशासन की ओर से विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन तमाम दुश्वारियों के चलते जनपद के 125,997 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो सकी है।
विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 879,300 पंजीकृत किसान हैं। इनमें से अब तक 717,579 किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री हो सकी है। बड़ी संख्या में किसानों के पिछड़ने के मुख्य कारणों में चकबंदी प्रक्रिया भी है। इससे 95 गांवों के 53,473 किसान रजिस्ट्री नहीं करा पाए हैं।
इसके अलावा भूमि का सही अंश निर्धारण न होने से 30,407 किसान, किसानों का निधन हो जाने के कारण 23,825 किसान व आधार कार्ड व खतौनी में नाम का मिलान न होने (मिसमैच) के कारण 18,292 किसान इस प्रक्रिया से वंचित रह गए हैं।
योजनाओं के लाभ से हो सकते हैं वंचित
फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसान पीएम किसान सम्मान निधि व अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसान का आधार नंबर, खसरा नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज किया जा रहा है, और पूरा विवरण दर्ज होने के बाद किसानों को एक विशेष यूनिक नंबर व ''किसान कार्ड'' जारी किए जाने की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी की पहल पर जिले में तीन अक्टूबर से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे शत-प्रतिशत किसानों को जोड़ा जा सके। वंचित किसान बिना किसी देरी के अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी करवा सकते हैं। 'फार्मर रजिस्ट्री यूपी' मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे स्वयं पंजीकरण किया जा सकता है।
इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा लगाए जा रहे विशेष कैंपों की मदद ली जा सकती है। आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर व खतौनी लेकर नजदीकी जन सेवा केंद्र पर निर्धारित शुल्क देकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री और किसान कार्ड बनवाया जा सकता है। -अश्वनी सिंह, उप कृषि निदेशक।
