जौनपुर में 78 हजार महिलाओं को बनाया जाएगा लखपति दीदी, ट्रेनिंग के लिए बनाए गए 29 बैच
जौनपुर में स्वयं सहायता समूह की 78 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और 'लखपति दीदी' बनाने की तैयारी तेज हो गई है।

78 हजार महिलाओं को बनाया जाएगा लखपति दीदी।
HighLights
जौनपुर में 78 हजार महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने की तैयारी तेज।
दक्ष महिलाएं मास्टर ट्रेनर बन अन्य महिलाओं को हुनरमंद बनाएंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तैयारी तेज कर दी गई हैं। सिलाई-कढ़ाई में दक्ष समूह की महिलाएं मास्टर ट्रेनर बनकर ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं को हुनरमंद करेंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की ओर से इसकी विस्तृत रूपरेखा बनाई गई है।
समूह की 78 हजार 844 महिलाओं को लखपति दीदी बनने के लिए तराशा जाएगा। पहले चरण में 270 महिलाओं को ट्रेनिंग देने की कड़ी में शामिल किया गया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।
इसके लिए कुल 29 बैच बनाए गए हैं। प्रत्येक में 30 महिलाएं होंगी। इस पहल से गांव की महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध तो बनेंगी हीं उनमें आत्मविश्वास भी जागेगा।
एनआरएलएम की ओर से महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद यह महिलाएं मास्टर ट्रेनर बन समूह की अन्य महिलाओं को हुनरमंद बनाएंगी। उन्हें यह बताया जाएगा कि किस तरह के कार्य कर वह अपनी आय बढ़ा सकती हैं।
गांवों में समूहों को मजबूत कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए जाने के कई प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है। इसे लेकर सबसे अधिक जोर ब्लाकों में समूह गठन को दिया जा रहा है। मौजूदा समय में जिले में स्वयं सहायता समूहों की संख्या 22 हजार से अधिक है, जिससे दो लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं।
लखपति दीदी के तहत समूह में शामिल महिलाओं को इस कदर बनाया जाना है कि वह महीने में 10 से 12 हजार आय अर्जित कर सकें। इसे लेकर जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। समूह की कुछ महिलाएं 10 से 12 हजार प्रतिमाह अर्जित कर भी रही हैं। -जितेंद्र प्रताप सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम।
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