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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में आईडी कार्ड अनिवार्य, फिर भी मुख्य गेट पर बिना जांच प्रवेश

By khalid shah Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 02 Sep 2026 01:37 PM (IST)

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पहचान पत्र अनिवार्य होने के बावजूद मुख्य गेट पर बिना जांच प्रवेश जारी है। ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय सुरक्षा में सेंध आईडी कार्ड के बावजूद बेरोकटोक प्रवेश।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय सुरक्षा में सेंध आईडी कार्ड के बावजूद बेरोकटोक प्रवेश।

HighLights

  1. विश्वविद्यालय परिसर में आईडी कार्ड अनिवार्य होने पर भी जांच नहीं।

  2. सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही से बाहरी तत्वों का बेरोकटोक प्रवेश।

  3. छात्राओं सहित विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं बढ़ीं।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी प्रशासनिक फरमान मुख्य द्वार पर ही दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। छात्र-छात्राओं के लिए पहचान पत्र (आईडी कार्ड) अनिवार्य किए जाने और गेट पर सघन जांच के सख्त निर्देश के बावजूद परिसर में बिना रोकटोक प्रवेश जारी है।सुरक्षाकर्मियों की शिथिलता के चलते बाहरी तत्वों की संदिग्ध आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

परिसर में पूर्व में घटित कई अप्रिय घटनाओं और छात्र गुटों के बीच हुए विवादों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़ा करने का निर्णय लिया था। इसके तहत व्यवस्था तय की गई थी कि मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड प्रत्येक विद्यार्थी का वैध पहचान पत्र देखकर ही उसे प्रवेश देंगे। साथ ही, परिसर के भीतर शीशों पर काली (ब्लैक) फिल्म चढ़ाए वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया था।

शुरुआत में कुछ दिनों तक इस व्यवस्था को लेकर खासी तत्परता दिखी, लेकिन समय बीतने के साथ निगरानी व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आई है।वर्तमान स्थिति यह है कि मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा अमला वाहनों और व्यक्तियों की पड़ताल किए बिना ही प्रवेश दे रहा है।काली फिल्म चढ़ी संदिग्ध गाड़ियां न सिर्फ मुख्य द्वार पार कर रही हैं, बल्कि विभागों और छात्रावासों के आसपास बेरोकटोक घूमती देखी जा सकती हैं।

वैध पहचान पत्र की जांच न होने से बाहरी और असामाजिक तत्वों का परिसर में आसानी से दाखिल होना आम बात हो गई है। इस लापरवाही से कक्षाओं और छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता व्याप्त है। यदि सुरक्षा नियमों को केवल औपचारिकता तक सीमित रखा गया, तो किसी भी अनहोनी की स्थिति में पूरी जवाबदेही सुरक्षा तंत्र की होगी।

विश्वविद्यालय जैसे बड़े शैक्षणिक परिसर में सुरक्षा केवल गेट पर पहचान पत्र देखने तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी, सतत निगरानी, स्पष्ट जिम्मेदारी और अनुशासित प्रवेश व्यवस्था को एक साथ लागू करने की जरूरत है।सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा, जिससे परिसर सुरक्षित बने और विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों का भरोसा और मजबूत हो सके।

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प्रो. राकेश कुमार सिंह, कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय