नौपेड़वा (जौनपुर): बक्शा बाजार स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन बनकर तैयार हुए एक वर्ष से अधिक बीतने के बाद भी विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। जर्जर भवन में चल रहे अस्पताल में मरीज भी आने से डरते हैं। मौजूदा समय में अस्पताल पर न तो डॉक्टर हैं और न ही फार्मासिस्ट। डॉक्टरों के अभाव में सुजियामऊ में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डा. लालबहादुर सप्ताह में दो दिन के लिए अटैच हैं। उसी तरह सिकरारा के फार्मासिस्ट ओमप्रकाश उपाध्याय भी बक्शा में अटैच हैं। ऐसे में अस्पताल महज वार्ड ब्वाय बनवारीलाल के भरोसे चल रहा है। पूर्व में हुए बरसात की वजह से कई स्थानों पर पानी भरा है। डा. लालबहादुर ने बनाए गए नए अस्पताल को विभाग को नहीं सौंपने को लेकर अनभिज्ञता जताई।

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