जागरण संवाददाता, जौनपुर: घराती व बराती उस समय हक्का-बक्का रह गए जब जयमाल कार्यक्रम के लिए स्टेज पर पहुंची दुल्हन दूल्हे का रंग सांवला देख भड़क उठी और शादी करने से साफ इन्कार कर दिया। घरातियों ने बरातियों को बंधक बना लिया। रात भर मान-मनौव्वल चलती रही लेकिन बात नहीं बनी। मंगलवार की सुबह गांव के मानिद लोगों के हस्तक्षेप पर लेन-देन के बाद बरात बैरंग लौट गई। मामला सुरेरी थाना के ठांठर गांव का है।

उक्त गांव के चकबड़वल पुरवा निवासी वीरेंद्र की पुत्री ललिता की शादी मीरजापुर जिले के अनरगपुर, पखवइया गांव के प्रयागराज के बेटे दीपक के साथ तय हुई थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को बरात वीरेंद्र के दरवाजे आई। द्वारचार व भोजन के बाद जयमाल कार्यक्रम के लिए दुल्हन ललिता स्टेज पर पहुंची तो दूल्हा का रंग सांवला देख उतरी और रोते हुए घर में चली गई। उसने अपनी मां से साफ कह दिया कि लड़का उसे पसंद नहीं है। वह शादी नहीं करेगी। घरातियों व बरातियों ने काफी मनौव्वल की लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद घरातियों ने बरातियों को बंधक बना लिया। पूरी रात बराती बंधक बने रहे।

सोमवार की सुबह मामला ठांठर के ग्राम प्रधान मुन्ना पटेल तक पहुंचा। उन्होंने और गांव के कुछ अन्य मानिद लोगों ने भी हरसंभव प्रयास किए कि बात बन जाए और शादी हो जाए लेकिन दुल्हन के दो टूक इन्कार कर देने पर पंचायत में तय हुआ कि तिलक के रूप में दिया गया नकदी वर पक्ष लौटा देगा। वहीं कन्या पक्ष वर पक्ष की तरफ से दिए गए आभूषणों को वापस कर देगा। लेन-देन के बाद बराती मुक्त हो सके और बरात बैरंग लौट गई।

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Posted By: Jagran