जागरण संवाददाता, मीरगंज (जौनपुर): भटहर गांव में मंगलवार की रात बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मृत हाथी का गुरुवार को कड़ी पुलिस चौकसी के बीच चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद वहीं जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर उसे दफना दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पांच दिन बाद आएगी।

गुरुवार की सुबह वन विभाग के अधिकारी कमलेश कुमार व मुख्य वन संरक्षक प्रयागराज जोन राजीव मिश्रा वन संरक्षण अधिकारी वाराणसी व डीएफओ जौनपुर एपी पाठक, रेंजर बीडी पांडेय, वन दारोगा कुमार गौरव आदि मौके पर पहुंचे। कड़ी सुरक्षा घेरे में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीरेंद्र कुमार सिंह, डिप्टी सीवीओ मछलीशहर डा. दिवाकर त्रिपाठी, डा. डीडी सरकार, डा. पीके सिंह, डा. शिवेंद्र सिंह, अजय सिंह, डा. अजीत पाल व भारत भूषण मिश्र के पैनल ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि पांच दिन में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद खेत मालिक शेर बहादुर सिंह व ग्राम प्रधान उषा मौर्या के पुत्र सिटू मौर्य की सहमति से खेत में ही पंद्रह फुट गहरा गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया गया।

मालूम हो कि भदोही जिले के सुरियावां थाना क्षेत्र के अबरना गांव निवासी सभा शंकर पांडेय के हाथी 'माला' को मंगलवार की शाम मनापुर गांव निवासी महावत सहदेव पांडेय भटहर लेकर आया था। साईं मंदिर के पास हाथी को पेड़ में जंजीर से बांधकर सोने चला गया। रात में हाथी जंजीर तोड़कर चल पड़ा और कुछ दूरी पर स्थित हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौत हो गई। बुधवार की सुबह लोगों ने तार से कटे सूंड़़ को देखकर अनुमान लगाया कि सूंड़ उठाने पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। हाथी की मौत से ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त था। इसके मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने को दो प्लाटून पीएसी व कई थानों की पुलिस के साथ मछलीशहर के एसडीएम अमिताभ यादव व सीओ विजय सिंह, तहसीलदार संतोष सोनकर आदि डटे रहे। हाथी मालिक सभा शंकर ने बताया कि पांच माह पूर्व उन्होंने 70 लाख रुपये में गोरखपुर से हाथी को खरीदा था।

Posted By: Jagran

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