गीले व सूखे कचरे का अलग-अलग करें निस्तारण : भारती रविकृष्णन

जागरण संवाददाता, जौनपुर : गुरु नानक कालेज चेन्नई की सहायक आचार्य डाक्टर भारती रविकृष्णन ने स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने जीरो वेस्ट सिटी पर भी चर्चा की। कहा कि गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग निस्तारण करके हम किसी भी शहर को बीमारी से बचा सकते हैं। यह बातें उन्होंने शनिवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय व गुरु नानक कालेज चेन्नई के संयुक्त तत्वावधान में पांच दिवसीय राष्ट्रीय आनलाइन कार्यशाला में कही।

उद्घाटन सत्र में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्या ने कहा कि विज्ञान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन गया है। मानव सभ्यता ने आग की खोज की और इसे विज्ञान ने आगे बढ़ाया। उन्होंने खाद्यान्न उत्पादन पर चर्चा करते हुए कहा कि भविष्य में इसके भंडारण में भी विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। इससे यह पता चलता है कि हमारी सामाजिक और पारंपरिक मान्यता को कहीं न कहीं से विज्ञान ने भी स्वीकार किया है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की पूर्व डीन प्रोफेसर वंदना राय ने महिलाओं में फोलिक एसिड की कमी और उसके प्रभाव को विस्तार से बताया। इसके पूर्व विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर राम नारायण ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। गुरु नानक कालेज चेन्नई के विज्ञान संकाय की डीन डाक्टर नूरजहां ने विषय प्रवर्तन किया। इस मौके पर प्रोफेसर राजेश शर्मा, प्रोफेसर प्रदीप कुमार, डाक्टर मनीष गुप्त, डाक्टर एसपी तिवारी, ऋषि श्रीवास्तव, डाक्टर एमजी रघुनाथन, मनजीत सिंह नैय्यर, डाक्टर प्रभाकर सिंह, डाक्टर विवेक कुमार पांडेय, डाक्टर सुधीर उपाध्याय आदि मौजूद थे। संचालन गुरु नानक कालेज चेन्नई की कार्यशाला आयोजक डाक्टर डाली ने किया।

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