वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लाभार्थियों की उमड़ी भीड़
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लाभार्थियों के सत्यापन के अंतिम दिन भारी भीड़ उमड़ी। ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के सत्यापन के लिए उमड़ी छात्रों की भीड़।
HighLights
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना सत्यापन के अंतिम दिन भारी भीड़।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में उमड़ी लाभार्थियों की भीड़।
जौनपुर, गाजीपुर से छात्राएं सत्यापन कराने विश्वविद्यालय पहुंचीं।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लाभार्थियों के सत्यापन के अंतिम दिन सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं की भारी भीड़ उमड़ी। जौनपुर और गाजीपुर के विभिन्न महाविद्यालयों से चयनित पात्र छात्राएं सत्यापन कराने पहुंचीं। इनमें बड़ी संख्या उन लाभार्थियों की रही, जिनका किसी कारण से सत्यापन लंबित रह गया था।
विश्वविद्यालय परिसर में सत्यापन केंद्र के सामने सुबह से ही छात्राओं की कतार लगी रही। अंतिम अवसर होने के कारण करीब ढाई से तीन सौ छात्र-छात्राएं अपने अभिलेख लेकर पहुंचीं। आधार अथवा अन्य दस्तावेजों से संबंधित दिक्कतों के चलते जिनका सत्यापन पहले पूरा नहीं हो पाया था, उन्होंने अंतिम दिन प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया।
भीड़ के कारण सत्यापन केंद्र के आसपास काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत विश्वविद्यालय की ओर से चयनित पात्र छात्राओं के साथ दिव्यांग, निराश्रित एवं शहीद परिवारों के पात्र लाभार्थियों का भी सत्यापन कराया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संबंधित महाविद्यालयों को लाभार्थियों के आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।
उप कुलसचिव अजीत प्रताप सिंह की ओर से जारी निर्देश के अनुसार सूची में शामिल कुछ लाभार्थियों का आधार कार्ड के माध्यम से अद्यतन सत्यापन नहीं हो पाया था। ऐसे लाभार्थियों के विवरण में यदि कोई संशोधन आवश्यक था तो सत्यापन के दौरान उसे दुरुस्त कराने की व्यवस्था की गई।
संबंधित महाविद्यालयों को अपने स्तर से छात्राओं को इसकी सूचना देने को कहा गया था।अंतिम दिन विश्वविद्यालय पहुंची छात्राओं में सत्यापन को लेकर काफी उत्सुकता रही। कई छात्राएं अपने अभिलेखों में छोटी-छोटी कमियों को दूर कराने के लिए संबंधित काउंटरों पर जानकारी लेती नजर आईं। देर तक सत्यापन केंद्र के बाहर छात्राओं और महाविद्यालय प्रतिनिधियों की भीड़ लगी रही।
