जागरण संवाददाता, खुटहन (जौनपुर): पिलकिछा गांव में मारपीट में घायल व्यक्ति की मौत के बाद आक्रोशित स्वजनों ने शव घर पर रखकर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर आक्रोश जताया। एहतियात के तौर पर मौके पर कई थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी के जवानों को बुला लिया गया। पुलिस की लाख कोशिश के बाद भी मृतक के स्वजन मौके पर कप्तान के आने की मांग पर अड़े रहे। आधी रात को आए उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश वर्मा के आश्वासन के बाद वे शव की अंत्येष्टि के लिए राजी हुए। गुरुवार की सुबह शव का गांव के घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

मालूम हो कि गत 24 नवंबर को भूमि विवाद को लेकर रंजीत शर्मा और पड़ोसी शीतला प्रसाद शर्मा के पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई थी। इसमें दोनों पक्षों के दो दर्जन लोग घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल रंजीत शर्मा (53) ने बुधवार को बीएचयू ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव घर पहुंचने पर आक्रोशित स्वजनों ने साफ कहा कि जब तक पुलिस अधीक्षक मौके पर नहीं आएंगे वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस के काफी समझाने के बाद भी वे शवदाह को राजी नहीं हो रहे थे। उनका आरोप था कि घटना के 11 दिन बीतने के बाद भी पुलिस किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आधी रात को पहुंचे एसडीएम ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।

Posted By: Jagran

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