पूविवि आवासीय परिसर में कटिया मारकर बिजली जलाने वालों पर कसेगा शिकंजा
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में बिजली मीटर बाइपास कर बिजली इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों, शिक्षकों और ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बिजली चोरी पर शिकंजा, अधिकारियों-कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई।
HighLights
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बिजली मीटर बाइपास करने वालों पर होगी कार्रवाई।
5 अक्टूबर तक सभी अवैध बिजली कनेक्शन हटाने का सख्त निर्देश।
1 अक्टूबर से मीटर आधारित बिजली बिलिंग व्यवस्था होगी लागू।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में बिजली मीटर को बाइपास कर सीधे तार जोडकर बिजली का इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर अब कार्रवाई की तैयारी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे सभी आवासों में पांच अक्टूबर तक बाइपास कनेक्शन हटाकर बिजली मीटर से कनेक्शन जोडने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं करने पर संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कुलसचिव डॉ.विनोद कुमार सिंह की ओर से 30 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में कुछ आवासों में बिजली मीटर से विद्युत तार का कनेक्शन न कर बाइपास कनेक्शन किया गया है।
संबंधित लोगों को पांच अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से बाइपास कनेक्शन हटाकर मीटर से कनेक्शन कराने को कहा गया है। इसके लिए विद्युत कर्मियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे आवासीय परिसर का भ्रमण कर बाइपास कनेक्शन कटवाना सुनिश्चित करें। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी दूसरे आदेश में आवासीय परिसर में आवंटित आवासों पर विद्युत मीटर लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके तहत एक अक्टूबर से मीटर क्रियाशील हो जाएंगे और बिजली शुल्क का हिसाब मीटर के आधार पर होगा। संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बिजली शुल्क प्रत्येक सप्ताह वित्त विभाग में जमा करना होगा। परियोजना अभियंता को भी निर्देश दिया गया है कि संबंधित आवासों के बिजली मीटर के शुल्क की सूची प्रत्येक सप्ताह वित्त विभाग को उपलब्ध कराएं।
एक अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था
- आवासीय परिसर के आवंटित आवासों में लगे बिजली मीटर एक अक्टूबर से क्रियाशील होंगे।
- बिजली खपत के अनुसार शुल्क निर्धारित होगा।
- संबंधित आवासधारक को बिजली शुल्क प्रत्येक सप्ताह वित्त विभाग में जमा करना होगा।
- पांच अक्टूबर तक सभी बाइपास कनेक्शन हटाकर मीटर से कनेक्शन जोडना अनिवार्य होगा।
- इसके बाद भी बाइपास कनेक्शन मिलने पर संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
