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जौनपुर के पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अब बिजली से एसी तक संभालेंगे बीटेक के शिक्षक और विद्यार्थी

By khalid shah Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 22 Sep 2026 10:58 AM (IST)

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अब बीटेक के छात्रों को विश्वविद्यालय की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बीटेक छात्रों को मिलेगा ऑन-कैंपस व्यावहारिक प्रशिक्षण।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बीटेक छात्रों को मिलेगा ऑन-कैंपस व्यावहारिक प्रशिक्षण।

HighLights

  1. इलेक्ट्रिकल विभाग विश्वविद्यालय की विद्युत व्यवस्था की निगरानी करेगा।

  2. मैकेनिकल विभाग एसी और रेफ्रिजरेटर का रखरखाव संभालेगा।

  3. छात्रों को अब व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अब पढ़ाई को विश्वविद्यालय की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने बीटेक इलेक्ट्रिकल विभाग को विश्वविद्यालय की विद्युत व्यवस्था की निगरानी और तकनीकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंप दी है।

परिसर में 33 हजार वोल्ट का सब स्टेशन विकसित करने की तैयारी भी शुरू की गई है। इससे इलेक्ट्रिकल विभाग के शिक्षक और विद्यार्थी विश्वविद्यालय की विद्युत व्यवस्था को करीब से समझने के साथ उसके संचालन, सुरक्षा और तकनीकी निगरानी का अनुभव हासिल कर सकेंगे।

अब तक विद्यार्थियों को इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए बाहरी संस्थानों में इंटर्नशिप करनी पड़ती थी। विश्वविद्यालय परिसर में सब स्टेशन विकसित होने के बाद विद्युत आपूर्ति और वितरण व्यवस्था उनके लिए वास्तविक प्रशिक्षण का केंद्र बनेगी। विभाग के शिक्षक विद्यार्थियों को तकनीकी जानकारी देने के साथ व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़ी तकनीक को वास्तविक परिस्थितियों में समझने का अवसर मिलेगा और विश्वविद्यालय को भी अपनी विद्युत व्यवस्था की मजबूती और निगरानी में विभाग की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। इसी क्रम में विश्वविद्यालय में लगे एयर कंडीशनर और रिफ्रिजरेटर की देखरेख की जिम्मेदारी बीटेक मैकेनिकल विभाग को दी गई है।

इन उपकरणों की खराबी, तकनीकी जांच, मरम्मत और नियमित रखरखाव से जुड़े कार्यों में विभाग के शिक्षक विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इससे मैकेनिकल के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के लिए हर बार बाहर जाने की जरूरत कम होगी।विश्वविद्यालय में उपलब्ध उपकरण ही उनके प्रशिक्षण का माध्यम बनेंगे। साथ ही बाहरी एजेंसियों और ठेकेदारों पर निर्भरता कम होने से रखरखाव में होने वाले खर्च को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।

विश्वविद्यालय के पास देवकली में 1.33 लाख वोल्ट क्षमता का सब स्टेशन पहले से स्थापित है। वहीं विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित 33 हजार वोल्ट का सब स्टेशन विश्वविद्यालय की अपनी विद्युत व्यवस्था और विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। कुलपति ने दोनों विभागों को जिम्मेदारी देकर केवल प्रशिक्षण की योजना नहीं बनाई है, बल्कि विश्वविद्यालय की वास्तविक तकनीकी व्यवस्थाओं को विभागीय शिक्षकों और विद्यार्थियों से जोड़ने का कार्य शुरू किया है।

विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर विश्वविद्यालय परिसर में ही मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल विभाग को स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गई हैं। इससे विद्यार्थी तकनीकी कार्य सीखेंगे, अपनी दक्षता बढ़ाएंगे और विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में भी सहयोग करेंगे।

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प्रो. राकेश कुमार सिंह, कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय