जौनपुर की आलिया ने नेट जेआरएफ की परीक्षा में चीनी भाषा में देश में हासिल किया पहला स्थान
जौनपुर की आलिया खान ने यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में मंदारिन भाषा में देश भर में पहला स्थान हासिल कर जिले ...और पढ़ें

जौनपुर की बेटी आलिया ने नेट जेआरएफ मंदारिन में देश में किया टॉप।
HighLights
आलिया ने नेट जेआरएफ मंदारिन में देश में प्रथम स्थान पाया।
यह उनकी स्नातक में स्वर्ण पदक के बाद एक और बड़ी उपलब्धि है।
उनकी सफलता से जौनपुर और परिवार में खुशी का माहौल है।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। जिले की बेटी आलिया ने नेट जेआरएफ की परीक्षा में मंदारिन भाषा में देश में पहला स्थान हासिल किया है। यूजीसी नेट-जेआरएफ में ऑल इंडिया प्रथम रैंक के पहले भी स्वर्ण पदक से वह क्षेत्र का गौरव बढ़ा चुकी हैंं। अब जेआरएफ में अपना टापर में नाम लिखवाने के बाद से ही वह चर्चा में हैं।
खेतासराय में मानीकलां गांव की बेटी आलिया खान ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में चीनी भाषा एवं साहित्य में पीजी की पढ़ाई कर रहीं आलिया ने यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में चीनी विषय से ऑल इंडिया प्रथम रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ ही गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
आलिया ने देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में सर्वोच्च स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। चीनी भाषा एवं साहित्य जैसे विशिष्ट विषय में देशभर में पहला स्थान प्राप्त करना उनकी मेहनत, लगन और अध्ययन के प्रति समर्पण को दर्शाता है। सफलता की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी।
आलिया की यह पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले स्नातक स्तर पर उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। वहीं, ऑल इंडिया चीनी ब्रिज प्रतियोगिता-2024 में तीसरा स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अब यूजीसी नेट-जेआरएफ में प्रथम रैंक हासिल कर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
मानीकलां निवासी मोहम्मद इकबाल खान और शबनम खातून की बेटी आलिया की सफलता पर परिजनों ने खुशी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि आलिया ने अपनी मेहनत और लगन से परिवार के साथ पूरे गांव और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
आलिया की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार को गर्व है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी है। उनकी मेहनत और समर्पण ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आलिया की सफलता ने यह संदेश दिया है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
