जौनपुर के गांव से निकला आदर्श, कर्नल सीके नायडू ट्राफी में आंध्र प्रदेश के खिलाफ 184 रन बनाकर बटोरी सुर्खियां
जौनपुर के आदर्श सिंह ने कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में 184 रन बनाकर प्रदेश क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। ...और पढ़ें

जौनपुर के आदर्श सिंह ने कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में 184 रन बनाकर प्रदेश क्रिकेट में धूम मचाई।

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जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। गांव के खेतों में टेनिस बाल से चौके-छक्के लगाने वाले ईश्वरी नेवादा के आदर्श सिंह आज अपनी बड़ी पारियों से प्रदेश क्रिकेट में अलग पहचान बना रहे हैं। जिले के करंजाकला ब्लाक क्षेत्र के इस युवा बल्लेबाज ने मेहनत और लगन के दम पर अपने सपनों को नई उड़ान दी है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) की घरेलू प्रतियोगिता कर्नल सीके नायडू ट्राफी में आंध्र प्रदेश के खिलाफ 184 रनों की पारी खेलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इससे पहले अंडर-23 स्टेट वनडे ट्राफी में मुंबई के खिलाफ 223 रन बनाकर वह सुर्खियों में आए थे।

आदर्श की इस सफलता के पीछे कानपुर में क्रिकेट का प्रशिक्षण, बड़े भाई का मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास की अहम भूमिका रही है। शिक्षा के साथ क्रिकेट की बारीकियां सीखने के लिए वह अपने बड़े भाई अंकित सिंह के साथ कानपुर में रहते थे। वहां उन्होंने खेल को ही अपना लक्ष्य बनाकर तैयारी की। गांव आने पर भी उनका अभ्यास नहीं रुकता था।
जौनपुर शहर के एक निजी कॉलेज के मैदान पर समय बिताने के बजाय वह अपनी शारीरिक क्षमता और फिटनेस पर ध्यान देते थे, ताकि अभ्यास का कोई दिन बेकार न जाए।आदर्श की उपलब्धि से गांव में भी खुशी का माहौल है। माता मंजूलता सिंह और पिता नरेंद्र सिंह को बेटे की कामयाबी पर गर्व है। परिवार को उम्मीद है कि उनकी मेहनत उन्हें प्रदेश की सीनियर टीम और आगे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।

गांव के साथी क्रिकेटर भी आदर्श को मेहनती और प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानते हैं। उनकी नजर में यह सफलता वर्षों की तैयारी और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है।आदर्श की लगातार बड़ी पारियां उन्हें प्रदेश क्रिकेट में मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित कर रही हैं। अब उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रेमियों की नजर है। उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही सीनियर रणजी टीम में भी अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
“बेटे ने इसके लिए बहुत मेहनत की है। उसकी सफलता से हम दोनों बहुत खुश हैं। हमारी इच्छा है कि वह देश ही नहीं, पूरी दुनिया में अपना और अपने गांव का नाम रोशन करे।” मंजूलता सिंह, आदर्श की मां
“आदर्श ने क्रिकेट के लिए कड़ी मेहनत की है। कानपुर में प्रशिक्षण के दौरान उसने लगातार अपने खेल को निखारने का प्रयास किया। उसकी बड़ी पारियां मेहनत का परिणाम हैं। उसकी सफलता से परिवार को गर्व है।” नरेंद्र सिंह, आदर्श के पिता

“आदर्श ने अपने खेल को लेकर हमेशा गंभीरता दिखाई है। वह मेहनती और प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। उसकी सफलता से खुशी है। उम्मीद है कि वह आगे भी इसी तरह प्रदर्शन कर ऊंचे मुकाम तक पहुंचेगा।” अंकित सिंह, आदर्श के बड़े भाई
“आदर्श में शुरू से ही अच्छा क्रिकेट खेलने की क्षमता थी। वह बहुत डिजर्विंग प्लेयर है। उसकी मेहनत और प्रदर्शन को देखते हुए आज उसकी सफलता पर खुशी होती है। उम्मीद है कि वह आगे भी बेहतर खेलकर जौनपुर का नाम रोशन करेगा।” पंकज निषाद, आदर्श के साथी क्रिकेटर।
