पूर्वांचल विश्वविद्यालय में लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ के नारे के साथ अभाविप का प्रदर्शन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 'लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ' नारे के साथ प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अभाविप का प्रदर्शन: संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बचाने की मांग।
HighLights
अभाविप ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय में किया 'लोकतंत्र अपनाओ' प्रदर्शन।
संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का किया आह्वान।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु विरोधियों का पुतला फूंका।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने शुक्रवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुक्तांगन परिसर से मुख्य द्वार तक प्रदर्शन किया। ‘लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ’ के नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक संस्थाओं का विरोध करने वालों का पुतला फूंका। उन्होंने निर्वाचन आयोग और न्यायालय जैसी संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान किया।
अभाविप के प्रांत कार्यसमिति सदस्य हर्षवर्धन चौरसिया ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनाव सुधार प्रक्रियाओं पर निराधार सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। राजनीतिक असहमति के नाम पर अराजकता और अव्यवस्था फैलाने के प्रयास निंदनीय हैं। जागरूक युवा और विद्यार्थी ऐसी गतिविधियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे।
बीकाम द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी राज सिंह ने कहा कि चुनाव सुधार की प्रक्रियाओं को विवादित बनाकर देश में अराजकता का माहौल बनाना उचित नहीं है। वहीं, बीएससी के विद्यार्थी सार्थक सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और अनुशासन भी जरूरी है। चुनाव सुधार और एसआइआर जैसी प्रक्रियाओं पर स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए।
अभाविप ने युवाओं और नागरिकों से तथ्यों के आधार पर राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करने की अपील की। प्रदर्शन में विभाग संगठन मंत्री अश्वनी कुमार सिंह, विश्वविद्यालय विस्तारक शैलेंद्र बहादुर यादव, हर्ष साहू, नवनीत गुप्ता, पूर्व विभाग संगठन मंत्री नवनीत त्रिपाठी, गुलशन सिंह, विमल सिंह, अवधेश तिवारी, शिवम सिंह, राज प्रताप सिंह, अमन यादव, अभिषेक यादव, शशांक शेखर, प्रभात सिंह, रवियांशु और विपुल सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
