जागरण संवाददाता, जौनपुर : कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने में प्रशासन जुट गया है। इसके लिए पहले बच्चों की जांच के लिए वजन सप्ताह चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम 24 जून तक जिले के पांच हजार 321 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चलेगा, फिर 30 जून तक इनकी लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद इन बच्चों की सेहत सुधारने के लिए 30 सितंबर तक वृहद अभियान चलाया जाएगा।

वजन सप्ताह के तहत 17 जून से केंद्रों पर पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन व लंबाई लेते हुए कुपोषित व अतिकुपोषित में चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद सेहत में सुधार के लिए संभव पोषण संवर्धन की ओर एक कदम अभियान के तहत एक जुलाई से पूरे सितंबर तक कार्यक्रम चलाया जाएगा। वजन सप्ताह में चिह्नित किए गए सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन बच्चों के लिए सघन सामुदायिक गतिविधियां जैसे साप्ताहिक गृह भ्रमण, स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय उपचार, पोषण पुनर्वास केंद्र, चिकित्सा इकाई में संदर्भन आयोजित की जाएगी। तीन माह तक अभियान का मुख्य उद्देश्य सैम, मैम, गंभीर अल्पवजन बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाना है। इसके लिए 20 से 25 सितंबर तक पुन: वजन सप्ताह का आयोजन करते हुए प्रगति देखी जाएगी। कुपोषण की रोकथाम एक समग्र रणनीति से ही संभव है, इसलिए बच्चों के साथ पोषण प्रोत्साहन के अन्य थीम पर भी जन जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। तीन माह को अलग-अलग थीम में बांटा

जुलाई में मातृ पोषण माह में गर्भवती माताओं को आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार व कार्यकर्ता के जरिए उनकी उचित देखभाल की जाएगी। अगस्त में जीवन के पहले एक हजार दिवस इसमें महिलाओं व दो साल तक के बच्चों का ध्यान रखा जाएगा। सितंबर में पोषण माह में बच्चों को पोषाहार दिया जाएगा। बोले जिम्मेदार..

17 से 24 जून तक पांच वर्ष तक वजन सप्ताह चलेगा। इसमें कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का 30 जून तक चिन्हांकन किया जाएगा। इसके बाद सितंबर तक बच्चों व मां की सेहत सुधारने के लिए अभियान चलेगा। इसका उद्देश्य यह है कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ शिशु को जन्म देती है।

-राकेश कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी।

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