जौनपुर में आरटीओ कार्यालय में पांच डंपर के पंजीकरण के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी, हंगामे पर हुई कार्रवाई
जौनपुर एआरटीओ कार्यालय में पांच डंपर के पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले पटल बाबू गणेश दत्त ...और पढ़ें

जौनपुर आरटीओ रिश्वत मामला: 50 हजार की मांग पर पटल बाबू हटाया गया, उच्च स्तरीय जांच जारी।
HighLights
जौनपुर एआरटीओ में 50 हजार रिश्वत मांगने पर बाबू हटाए गए।
पांच डंपर पंजीकरण के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत।
उप परिवहन आयुक्त ने जांच कर पटल से हटाया।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। एआरटीओ कार्यालय में पांच डंपर के पंजीकरण के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले पटल बाबू गणेश दत्त को उप परिवहन आयुक्त वाराणसी मंडल भीम सेन सिंह तथा आरटीओ राघवेंद्र सिंह ने पटल से हटा दिया। उप परिवहन आयुक्त वाराणसी मंडल ने प्रथम दृष्ट्या जांच में दोषी पाए जाने पर तत्काल पटल से हटाया।
वाहन स्वामी के विरोध प्रदर्शन को संज्ञान में लेते हुए शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को उप परिवहन आयुक्त वाराणसी मंडल भीम सेन सिंह तथा आरटीओ राघवेंद्र सिंह ने दफ्तर में जांच के लिए भेजा था। उप परिवहन आयुक्त वाराणसी मंडल ने प्रथम दृष्ट्या जांच में दोषी पाया।
उच्च स्तरीय जांच के दौरान दोनों अधिकारियों ने संबंधित पत्रावली को अपने कब्जे में लिया और शिकायतकर्ता वाहन स्वामी विनय सिंह समेत विभागीय कर्मियों के बयान दर्ज किए। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि आरोपित बाबू के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
उप परिवहन आयुक्त से मीडिया ने सवाल किया आरोपित के बाबू के खिलाफ पहले से भ्रष्टाचार की जांच चल रही तो उन्हें महत्वपूर्ण पटल क्यों दिया गया। बाबू के कार में मानक के विपरीत नंबर प्लेट लगने के बारे में भी सवाल किया। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने स्थानीय अधिकारियों पर नाराजगी जताई। कहा कि इतनी अनियमितता की शिकायत मिल रही तो क्यों नहीं कार्रवाई की गई।
