जागरण संवाददाता, जौनपुर: बैंक से ऋण दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने व्यापारी को 95,500 रुपये की चपत लगा दी। व्यापारी का आरोप है कि रुपये एक्सिस बैंक के खाते से कैंसिल चेक के माध्यम से बैंक कर्मियों की मिलीभगत से निकाले गए। वहीं, बैंक प्रशासन इस धोखाधड़ी के लिए पूरी तरह से व्यापारी को जिम्मेदार ठहरा रहा है। व्यापारी ने कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

सद्दाम हुसैन के भाई मोहम्मद शोएब की फर्म नावेल्टी फर्नीचर शाहगंज मार्ग पर नवाब साहब की कोठी के पास है। सद्दाम हुसैन के अनुसार तीन दिन पूर्व उनके यहां कुछ लोग आए। खुद को बनारस की टाटा कैपिटल फाइनेंस कंपनी का कर्मी बताते हुए लोन दिलाने की बात कही। उसने कुछ आवश्यक कागजात और एक कैंसिल चेक मांगा। उन्होंने दे दिया। कैंसिल चेक का इस्तेमाल कर 21 जनवरी को उनके सिविल लाइन रोड स्थित एक्सिस बैंक के खाते से जालसाजों ने 95,500 रुपये निकाल लिया। उनका आरोप है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत से रुपये निकाले गए। यह इससे भी जाहिर हो जाता है कि बैंककर्मी हमेशा किसी भी लेन-देन से पूर्व उनके पास फोन करके पुष्टि करते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। दूसरी तरफ बैंक मैनेजर राजीव रंजन पांडेय इससे पूरी तरह इन्कार करते हुए धोखाधड़ी के लिए सीधे व्यापारी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि जालसाजों के कहने पर उन्होंने बैंक में आकर रुपये जमा किया। जालसाजों ने बड़ी सफाई से कैंसिल चेक पर किए गए क्रास को मिटाकर बैंक से चेक भुना लिया।

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