जौनपुर में शिक्षक करते थे पिटाई, आठवीं का छात्र डरकर भाग गया दिल्ली, शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
जौनपुर में एक 13 वर्षीय छात्र शिक्षक की पिटाई के डर से घर से निकलकर दिल्ली चला गया। परिवार ने ...और पढ़ें

जौनपुर में शिक्षक की पिटाई से डरा छात्र दिल्ली भागा, पुलिस जांच जारी। (AI Image)
HighLights
जौनपुर का छात्र शिक्षक की पिटाई के डर से दिल्ली भागा।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। घर से स्कूल जाने के लिए निकला 13 वर्षीय छात्र दिल्ली चला गया। उसके परिवार ने विद्यालय के शिक्षक बृजेश सिंह पर पिटाई करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
मुंगराबादशाहपुर थाने में गुरुवार की शाम दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, गोधुवा क्षेत्र का निवासी 13 वर्षीय छात्र बड़गांव स्थित विद्यालय में आठवीं कक्षा का छात्र है। परिवार का आरोप है कि बुधवार को विद्यालय में शिक्षक बृजेश सिंह ने उसकी पिटाई की थी।
घर लौटने पर उसने अपने अभिभावकों को इस घटना की जानकारी दी। डरा-सहमा छात्र गुरुवार को स्कूल जाने में आनाकानी कर रहा था। माता-पिता के समझाने पर उसने स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा।
शुक्रवार की सुबह दिल्ली पुलिस ने मोबाइल फोन पर सूचना दी कि छात्र वहां रेलवे स्टेशन पर परेशान हालत में टहल रहा था। पुलिस ने उसे कस्टडी में लेकर अपने पास रखा। इस सूचना से परिवार ने राहत की सांस ली।
आरोपित शिक्षक बृजेश सिंह का कहना है कि छात्र विद्यालय में शरारत करता था और उसके भविष्य के लिए डांट-फटकार लगाई थी। उन्होंने पिटाई करने से इनकार किया। पुलिस का कहना है कि छात्र के लौटने के बाद उसकी पूछताछ की जाएगी और आगे उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल शिक्षा प्रणाली में व्याप्त समस्याओं को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बच्चों के प्रति शिक्षकों का व्यवहार कितना महत्वपूर्ण है। बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई न केवल पीड़ित छात्र के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी, बल्कि अन्य छात्रों को भी सुरक्षा का एहसास दिलाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं। यह आवश्यक है कि विद्यालयों में शिक्षकों को बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ पेश आने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। इसके साथ ही, अभिभावकों को भी अपने बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और विद्यालय प्रशासन से संवाद करने की आवश्यकता है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि शुभम की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और मामले की जांच की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को एक सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण में विकसित करना भी है।
