जौनपुर: धान की तैयार फसल को काटकर किसान सुरक्षित घर में पहुंचाने में जुट गए हैं। बड़े काश्तकार मड़ाई में मशीनों का प्रयोग कर रहे हैं तो छोटे हाथ का सहारा ले रहे हैं।

विगत कई साल बाद हुई अच्छी बारिश के कारण धान की फसल अच्छी थी लेकिन अक्टूबर माह में आए चक्रवाती तूफान से काफी नुकसान हो गया। गिरे धान को किसानों ने सड़ने से बचाने में कड़ी मशक्कत किया। पककर तैयार हुई बची फसल को काटकर मड़ाई कार्य में जुट गए हैं।

दूसरी तरफ तेजीबाजार क्षेत्र के कपूरपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर पीसीएफ का धान क्रय केंद्र खोला गया है। दो माह बीतने को है उक्त केंद्र पर खरीद नहीं शुरु हो सकी है। धान न खरीदे जाने से किसान परेशान हैं। गौराखुर्द गांव निवासी संकठा सिंह का कहना है कि यदि धान बिक जाए तो उस पैसे से रबी की बोआई का काम चल जाता है।

इस संबंध में केंद्र संचालक माता प्रसाद सिंह का कहना है कि गोदाम में यूरिया व डीएपी भरी है। धान रखने के लिए जगह न होने के कारण खरीद नहीं हो पा रही है।

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