जागरण संवाददाता, कन्नौज : इंदरगढ़ के बहुचर्चित आकाशदीप अपहरण कांड में एक रोमांचक मोड़ आया है। जब घटना के दस माह बाद पुलिस को आकाशदीप की फेसबुक आइडी चलती मिली। पुलिस की सर्विलांस टीम ने जब उसका आइपी (इंटरनेट प्रोटोकाल) एड्रेस ट्रेस किया तो लोकेशन लखीमपुर खीरी में मिली। इस पर एसओजी ने दबिश देकर वहां से दो युवकों को उठा लिया। अब दोनों से सदर कोतवाली में पूछताछ की जा रही है।

इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पूराराय निवासी आकाशदीप का 19 मार्च 2021 को रहस्यमय तरीके से अपहरण हो गया था। वह बाइक से ग्राम नादेमऊ स्थित अपनी मोटरसाइकिल एजेंसी जा रहा था। पुलिस को उसकी अंतिम लोकेशन ग्राम कलसान के पास मिली थी। दो दिन बाद अनंदपुर गांव के पास तिर्वा रजबहा की पटरी के किनारे झाड़ियों से उसकी बाइक बरामद हुई थी। पिता सतेंद्र प्रजापति ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। मगर अप्रैल माह में कोरोना से पिता सतेंद्र की राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा में मौत हो गई थी। आकाशदीप की तलाश में एसपी ने एसओजी, सर्विलांस समेत कानपुर की एसटीएफ को भी लगाया गया था, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। तीन दिन पहले पुलिस को आकाशदीप की फेसबुक आईडी चालू होने की जानकारी मिली। प्रोफाइल में आकाशदीप का फोटो भी लगा था। पुलिस ने उस आइडी को चेक किया तो पता चला कि वह लखीमपुर खीरी से अपडेट हो रही है। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर लखीमपुर खीरी के थाना ईशानगर क्षेत्र के ग्राम कटौली निवासी दिनेश पुत्र छन्नूलाल लोधी तथा गोविद पुत्र शत्रुघ्न पासी को गिरफ्तार कर लिया। एसओजी टीम दोनों पूछताछ कर रही है। पूर्व ब्लाक प्रमुख समेत चार का हुआ था पालीग्राफिक टेस्ट

आकाशदीप अपहरण कांड में हसेरन के पूर्व ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया समेत चार लोगों का नाम सामने आया था। पुलिस ने उमाशंकर समेत ग्राम कलसान निवासी सचिन शुक्ला व अजीत कुमार तथा नई बस्ती कलसान निवासी विनीत सिंह का पालीग्राफिक टेस्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ में कराया था। इसके बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला था। आकाशदीप अपहरण कांड में एसटीएफ समेत पुलिस की चार टीमें लगीं हुईं हैं। पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। इसमें आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। कई सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।

-प्रशांत वर्मा, पुलिस अधीक्षक

Edited By: Jagran