जागरण संवाददाता, उरई : इस बार बुंदेलखंड क्षेत्र में पर्याप्त बारिश न होने से यमुना बेतवा में बाढ़ का खतरा कम ही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन नदियों के जल स्तर पर नजर रखे हुए है। वजह यह है कि अगर कहीं बांध का पानी छोड़ा गया तो किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।

जनपद में बेतवा न यमुना दो बड़ी नदियां बहती हैं। इनके किनारे पचास से अधिक गांव बसे हुए हैं। बाढ़ के समय इन गांवों के लिए अधिक खतरा रहता है। जिसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बारिश शुरू होने के पहले ही पांचों तहसीलों में 27 बाढ़ चौकियां बना दी थीं। हालांकि इस बार पर्याप्त बारिश न होने से बाढ़ की आशंका कम ही है लेकिन माना जा रहा है कि अगर कहीं किसी बांध का पानी छोड़ दिया गया तो उस दौरान समस्या आ सकती है। जिसके चलते पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन रोज ही नदियों के जल स्तर की रिपोर्ट मंगाता है। बेतवा नहर विभाग के अधिशाषी अभियंता जीबी पांडेय प्रतिदिन सुबह शाम दोनों नदियों के जल स्तर की रिपोर्ट कर्मचारियों से ले रहे हैं। एक नजर आंकड़ों पर

जिले में स्थापित बाढ़ चौकियां - कुल 27

यमुना के खतरे का निशान - 108 मीटर

बेतवा के खतरे का निशान - 122.664 मीटर

वर्तमान में यमुना का जल स्तर - 94.480 मीटर

वर्तमान में बेतवा का जल स्तर - 109.600 मीटर

जिले में 24 घंटे में हुई बारिश - 14 मिली मीटर

अब तक जिले में हुई कुल वर्षा - 151 मिली मीटर कोट

नदियों में बाढ़ का खतरा नहीं है फिर भी प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। सभी चौकियां सतर्क हैं। प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जा रही है।

पूनम निगम, अपर जिलाधिकारी

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