संवाद सहयोगी, जालौन (उरई) : कोतवाली क्षेत्र के अमखेड़ा में शातिरों ने रामजानकी मंदिर से शनिवार की रात बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां पार कर दीं। राम-लक्ष्मण व सीता की बीस-बीस किलो की प्राचीन मूर्तियों की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। वारदात की सूचना पुजारी सहित ग्रामीणों ने पुलिस को दे दी है। इससे पूर्व भी गांव में कई बड़ी-बड़ी चोरियां हुईं लेकिन पुलिस द्वारा आज तक उनका खुलासा नहीं किया गया। ग्रामीणों ने इन घटनाओं के पीछे शातिर अपराधियों का हाथ बताया है।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अमखेड़ा के प्राचीन मंदिर रामजानकी मंदिर से अष्टधातु की राम, जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां चोरी गई हैं। जिससे पूरे गांव में सनसनी का माहौल है। इसकी सूचना मंदिर के पुजारी सर्वेश कुमार ने कोतवाली में देते हुए बताया कि शनिवार की शाम को उन्होंने आरती कर मंदिर के गेट पर ताला डाल दिया। जब सुबह आकर देखा तो मंदिर का ताला टूटा पड़ा था व मूर्तियां गायब थीं। पुजारी तथा ग्रामीणों ने बताया कि मूर्तियां करीब 20-20 किग्रा की थीं। इस मंदिर का निर्माण कई वर्षों पहले कराया गया था। मंदिर से चोरी हुई मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये है। इससे पहले भी गांव में कई चोरियां हो चुकी हैं लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी चोरी का खुलासा नहीं किया है, जिससे चोरों के हौंसले बुलंद हैं। ग्रामीणों में मंदिर से चोरी होने के बाद पुलिस विभाग के खिलाफ खासा रोष भड़क रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन चोरियों के पीछे गांवों में संचालित हो रहे जुए और शराब के अड्डे हैं जिन पर तबाह होने के बाद लोग चोरियों को अंजाम दे रहे हैं। इस संबंध में सीओ संजय कुमार शर्मा ने कहा कि उक्त मूर्तियों की चोरी का जल्द ही पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran