जागरण संवाददाता, उरई : कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के साथ खेल गतिविधियां भी ठप हैं। इन हालातों के बीच खेल संसाधनों के रखरखाव की तरफ भी ध्यान नहीं दिया गया है। हालत यह है कि स्टेडियम के मैदान में बड़ी-बड़ी घास उग आयी है। अनलॉक-4 में यदि खेल गतिविधियां शुरू करने की छूट मिल गई तो भी यहां खिलाड़ियों को निराशा ही हाथ लगेगी क्योंकि मैदान ही अभी खेलों के लिए तैयार नहीं हैं।

संसाधनों की कमी की वजह से पहले से ही जिले में बड़ी प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताएं नहीं हो पा रहीं थीं। कोरोना काल में स्थिति और खराब हो गई है। लॉकडाउन के बाद से इंदिरा स्टेडियम के गेट खिलाड़ियों के लिए बंद हैं, इन सबके बीच विभिन्न खेलों के संबिदा कोच में हटा दिए गए थे, वर्तमान में स्थिति यह है कि न तो यहां खिलाड़ियों का पंजीयन है और न प्रशिक्षण देने के लिए कोच हैं, गंभीर बात तो यह है कि खेल आयोजन बंद होने के कारण मैदान के रखरखाव पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी गई। क्रिकेट व फुटबाल के मैदान में घुटनों तक बड़ी-बड़ी घास उग आयी है, टेनिस व बास्केट बॉल के कोड में दर्रे पड़ गए हैं। कब से खेल कैंप शुरू हो जाएंगे, इसको लेकर भी फिलहाल खेल अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट आदेश नहीं आया है। जिला क्रीड़ा अधिकारी रईश अख्तर का कहना है कि फिलहाल खेल कैंपों को लेकर अभी कोई आदेश नहीं हैं, लेकिन खेल मैदान तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षकों की तैनाती होने के बाद ही खिलाड़ियों के पंजीयन और फिर अभ्यास शुरू कराया जा सकता है।

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