यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
साइबर अपराध रोकने पर रहेगा विशेष जोर
आज दिनांक 15.03.2020 को पुलिस अधीक्षक जालौन डॉ0 सतीश कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार उरई में साइबर क्राइम ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, उरई : स्मार्ट फोन के दौर में साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, साइबर अपराधों में कार्रवाई को लेकर प्रशिक्षण न होने की वजह से सीओ व इंसपेक्टर स्तर के पुलिस अधिकारी भी अपराधियों पर अंकुश करने में असहज हो जाते हैं। इसके मद्देनजर रविवार को विकास भवन सभागार में साइबर अपराध के संबंध में कार्यशाला आयोजित हुई। जिसमें पुलिस वालों को साइबर अपराधों पर नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया।
साइबर अपराध विशेषज्ञ संजय मिश्रा ने पुलिस कर्मियों आनलाइन ठगी जैसे अपराधों पर किस तरह त्वरित कार्रवाई कर ठगी के शिकार व्यक्ति को राहत दी जा सकती है, इसका प्रशिक्षण दिया। इसके साथ संगीन अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित कर कोर्ट में प्रस्तुत करने के तरीके बताए, जिससे अपराधियों को गवाह मुकरने के बाद भी वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर सजा मिल सके। पुलिस अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद अब आनलाइन ठगी से अपराधों में बेहतर तरीके से कार्रवाई की जा सकेगी। कार्यशाला में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह, सभी सर्किलों के सीओ प्रभारी निरीक्षक व थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
