संवाद सूत्र, महेबा : विकास खंड महेबा में प्राथमिक व जूनियर स्कूलों की दुर्दशा से छात्र परेशान हैं। इन स्कूलों के छात्र एकल कक्ष या निजी जगहों में बैठाए जा रहे हैं जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।

विकास खंड क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक स्कूल ऐसे हैं जिनके भवनों की हालत काफी खराब है। शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में 118 प्राथमिक व 60 जूनियर हाईस्कूल है जिनमें इमिलिया खुर्द, दड़वा, खैराई, मड़ैया, मधापुर, कोड़ा, बड़ी मड़ैया, सदारा, बिनौरा वैद्य समेत 24 स्कूल ऐसे हैं जहां पर छात्रों को बैठने तक की जगह नहीं है। इन स्कूल भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है तथा वहां तैनात शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इन भवनों में छात्रों को न बैठाया जाए। कभी भी दुर्घटना हो सकती है इसलिए शिक्षक अपने ऊपर कोई रिक्स नहीं लेना चाहते हैं।

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कहां बैठें बच्चे

स्कूलों के बच्चे वहां बने एकल कक्ष या फिर जूनियर हाई स्कूल के कक्षा में एक साथ बैठाए जाते हैं जिससे छात्रों को शिक्षा पाने में बड़ी परेशानी होती है। यहां कोई एकल कक्ष नहीं है और न कोई जूनियर विद्यालय है। स्कूल न होने की वजह से इस गांव में छात्रों की संख्या भी बताने में शर्म आती है। यहां केवल 8 छात्रों का दाखिला है।

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जिम्मेदार बोले

सभी निष्प्रयोज्य स्कूलों की सूची बनाकर बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी व शासन को भेजी जा चुकी है। इन सभी विद्यालयों के भवनों के निर्माण व दुरुस्तीकरण की मांग की गई है। जिस पर जल्दी काम शुरू हो सकता है।

महेश चंद्र, बीईओ महेबा

Posted By: Jagran