संवाद सूत्र, महेबा : यमुना नदी पर पाल बेहमई घाट पर राहगीरों को नदी पार कराने के लिए अवैध तरीके से एक नाव चलाई जा रही है। इसमें पीडब्ल्यूडी लिखा हुआ है। अधिक बोझ से दो बार उफनाते पानी में नाव डूब चुकी है, फिर भी नाव को बंद नहीं कराया गया है। इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है।

पालघाट व बेहमई के बीच यमुना नदी को पार कराने के लिए गैर जिम्मेदाराना तरीके से एक नाव का संचालन किया जा रहा है। इसमें पीडब्ल्यूडी लिखा हुआ है। छोटी सी नाव में मोटरसाइकिल के साथ ही राहगीरों को भी नाव की बाट भर लिया जाता है। अधिक भार होने से कभी भी नाव पानी में डूब सकती है। जैसलपुर अनवा तथा महेबा, न्यामतपुर, पाल के ग्रामीणों ने बताया कि एक सप्ताह पहले कानपुर देहात की सीमा में उथले पानी में दो बार नाम डूब चुकी है। पतवार चलाने वाले सुरेश सिंह व करण सिंह ने कहा, वह पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी हैं जबकि इस पार से उस पार जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति से 10 व बाइक ले जाने के 25 रुपये वसूले जा रहे हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग तृतीय के अधिशाषी अभियंता बीके राय ने बताया कि पालघाट पर पीडब्ल्यूडी की ओर से कोई नाव नहीं चलाई जा रही है। पुल का निर्माण न होने से होती दिकक्त

जनपद से कानपुर देहात की मध्य सीमा सिकंदरा तहसील व राजपुर क्षेत्र के गांव में जाने के लिए दस वर्ष पहले पुल निर्माण शुरू हुआ था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए हर वर्ष अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह या नवंबर के प्रथम सप्ताह में पांटून का पुल बनकर तैयार हो जाता था। इससे कानपुर देहात के खोजा, रामपुर, बेहमई, दमनपुर, राजपुर, जैसलपुर, महादेवा, पुरा के अलावा जनपद के महेबा, खैरई, बैरई, चुर्खी, मुसमरिया, न्यामतपुर, अभैदेपुर, बम्हौरा सहित अन्य गांव के ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलती थी। इस वर्ष अभी तक पांटून पुल तैयार नहीं किया गया है।

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