संवाद सहयोगी, कोंच : वृद्ध किसान के पैसे तो ज्यादा नहीं गए पर प्रशासनिक अफसरों और पुलिस का चेहरा जरूर सामने आ गया।

तहसील में खतौनी निकलवाने पहुंचे वृद्ध की जेब पर जेबकतरे ने हाथ साफ कर दिया। इसके बाद वह शिकायत के लिए तहसील दिवस से लेकर दारोगा तक के पास पहुंचा। दीनहीन हालत देख अफसरों ने जहां तवज्जो नहीं दी, वहीं दारोगा ने लफड़े से बचने के लिए बीस रुपये देकर घर भेज दिया।

कोतवाली अंतर्गत ग्राम भदेवरा निवासी वृद्ध किसान मनीराम पुत्र हुड़ई मंगलवार को अपने खेत की खतौनी निकालने के लिए तहसील आया हुआ था। खतौनी निकालने के लिए वह जब खिड़की के पास पहुंचा तभी किसी जेबकतरे ने उसके कुर्ते पर ब्लेड चला दी और 275 रुपये निकाल लिए। खतौनी के पैसे देने के लिए जब किसान ने जेब में हाथ डाला तो कटी जेब देखकर दंग रह गया। वह भाग कर तहसील सभा कक्ष में चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा और एसडीएम सुरेश सोनी को जेब कटने की पूरी कहानी सुना दी। गरीब किसान की दबी कुचली हालत देखकर मौजूद अधिकारियों ने उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और उसे घर जाने की सलाह दी। मजबूर किसान की लाचारी को देख वहां मौजूद के पुलिस के दारोगा ने उसे घर जाने के लिए किराये के लिए 20 रुपये दिए और चलता कर दिया। किसान अपने हालात को कोसते हुए वापस लौट गया।

Posted By: Jagran

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