जागरण संवाददाता, उरई : जनपद के इटौरा गांव में स्थित गुरु रोपण का तालाब न सिर्फ मॉडल के रूप में विकसित होगा बल्कि यह अब गांव की आय का प्रमुख स्त्रोत भी बनेगा। इसको ग्रामीण पर्यटन के स्वरूप में बनाए जाने की तैयारी है साथ ही 45 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला यह तालाब जल संरक्षण की पहल में भी अहम साबित होगा। यहां के युवा ग्राम प्रधान का दावा है कि जब तालाब का शुभारंभ हो जाएगा तब जल संचयन पर कार्य करने वाले प्रदेश भर के लोग इसको देखने के लिए आएंगे। अगले तीन माह में यह तालाब कानपुर के मोतीझील की तरह नजर आएगा। यहां कैंटीन और बोटिग जैसी कई सुविधाएं ग्रामीणों को मिलेंगी।

ग्राम अकबरपुर इटौरा के ग्राम प्रधान व सामाजिक कार्यकर्ता अमित द्विवेदी इतिहास ने गांव के प्राचीन व ऐतिहासिक तालाब के दोनों हिस्सों को मिलाकर जल संरक्षण की दिशा में व्यापक पहल करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत की आय को बढ़ाने और पर्यटन के रूप में इसको विकसित करने का भी प्रयास शुरू किया है। तालाब के दोनों हिस्सों को एक किया जा रहा है। एक तरफ खुदाई का कार्य शुरू करवा दिया गया है तो जहां पर पानी है वहां जलकुंभी को हटाया जा रहा है। तालाब के चारों तरफ पक्का रिग रोड बनाया जाने की योजना है।

यह रहेंगी सुविधाएं

- दस फाइवर पैडल बोट कोलकाता से मंगवाई गई हैं। इनको नियमानुसार ही संचालित कराया जाएगा

- तालाब के परिसर में एक कैंटीन बनवाई जाएगी ताकि घूमने फिरने वाले लोग यहां से आवश्यकता का सामान ले सकें

- चारों तरफ पाम के सुंदर पेड़ लगवाए जाएंगे। साथ ही पक्का रिग रोड तालाब के चारों तरफ बनाया जा रहा है

- लोगों के बैठने के लिए रंगीन बेंच व सीसीटीवी कैमरे के साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगवाए जाएंगे

Edited By: Jagran