जागरण संवाददाता, कानपुर : आने वाले समय में फास्टफूड बच्चों के लिए नुकसानदेह नहीं होगा। अभिभावक बच्चों को बड़े शौक से नूडल्स व पास्ता खिलाएंगे। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में खाद्य प्रसंस्करण योजना के तहत बाजरा, मक्का, ज्वार के अलावा कोदो व सांवा जैसे मोटे अनाज के नूडल्स व पास्ता बनाने का मॉड्यूल तैयार किया जाएगा। सीएसए में खाद्य प्रसंस्करण के शोध कार्य परिणाम सामने आने प्रारंभ हो गए हैं। यहां खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग ने सहजन व लोबिया के बिस्कुट, मुरक्को यानी चकली व पास्ता बना लिया है।

ऐसे ही स्वास्थ्यव‌र्द्धक फास्टफूड बनाने के लिए शनिवार को सीएसए कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान हरियाणा के कुलपति डॉ. सी वासुदेवप्पा के साथ करार किया। अब सीएसए शरीर को लाभ पहुंचाने वाले मोटे अनाज के नूडल्स, पास्ता, दलिया, चकली बनाने का मॉड्यूल तैयार करेगा। खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान इसमें शोध सलाहकार की भूमिका निभाएगा। प्रोफेसर के साथ एमएससी व पीएचडी छात्र इस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। इस करार के तहत यह संस्थान सीएसए को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा दोनों दक्षता उन्नयन कार्यक्रम में अपनी-अपनी विशेषताओं को साझा करेंगे। इसके अलावा सीएसए के छात्रों को इस संस्थान में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। अच्छी कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षण, कटाई के पूर्व व बाद के फसल प्रबंधन भंडारण, मूल्य संवद्‌र्ध्रन, बीज उत्पादन, प्रसंस्करण व भण्डारण के बारे में यह संस्थान नई-नई तकनीक की जानकारी देगा। करार के दौरान सीएसए के शोध सहायक प्रो. एचजी प्रकाश, उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान के रजिस्ट्रार डॉ. जेएस राना के अलावाडॉ.आशुतोष उपाध्याय, डॉ.मंजीत अग्रवाल, डॉ.कल्याणदास व डॉ. सुरेंद्र सिंह राठी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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