जागरण संवाददाता, उरई : गांव में महिलाओं पर अत्याचार होते देखा तो मन में कशक पैदा हुई कि इनकी मदद करने वाला कोई नहीं है। घर में चुपचाप जुल्म को सहती रहती हैं। पूरा घर संभालने के बाद भी प्रताड़ना दी जाती है। यह सब देखकर अंजू शर्मा ने तय कर लिया कि वह महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का काम करेंगी। उनके इस हौसले को देखकर घर व ससुराल वालों को कोई आपत्ति नहीं की। एक दशक से वे इस कार्य में लगी हुई हैं।

अंजू ने वर्ष 2009 में गुलाबी गिरोह सेना नामक संगठन बनाया और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम शुरू कर दिया। शुरुआत में तो पांच या छह महिलाएं ही संगठन में थी लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती गई। अब दो सैकड़ा महिलाएं संगठन से जुड़ी हुई हैं जो किसी भी पीड़ित महिला के साथ थाने, कोतवाली और पुलिस कार्यालय में जाती हैं और उनके लिए न्याय मांगने का काम करती हैं। उनके इस कार्य को देखते हुए उन्हें परिवार परामर्श केंद्र का सदस्य भी बना दिया गया है। अंजू शर्मा ने अब तक पांच सैकड़ा से अधिक पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया है। इसके साथ ही परिवार परामर्श में आने वाले मामलों में भी उन्होंने अपनी सूझबूझ से पति पत्नी के बीच हुए कई विवादों को सुलझाने का कार्य किया है। अंजू का कहना है कि उनकी यह मुहिम रुकेगी नहीं बल्कि बढ़ती ही रहेगी। महिलाओं को अबला बनकर नहीं रहने दिया जाएगा बल्कि अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

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