जालौन में आफत बनकर बरसी बारिश, 50 से ज्यादा मकान गिरे
जालौन में भारी बारिश से नालों की सफाई में लापरवाही के कारण शहर से गांव तक जलभराव हो गया है, जिससे 50 से अधिक कच्चे मकान गिर गए।
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ग्राम सिम्हारा में घर गिरने से खुले में खड़ा बंसीलाल का परिवार
HighLights
नाला सफाई में लापरवाही से शहर-गांव में जलभराव।
भारी बारिश से 50 से अधिक कच्चे मकान गिरे।
गोशाला, अस्पताल परिसर में भी पानी भरा।
जागरण संवाददाता, जालौन। इस बार नगरपालिका और नगर पंचायतों में नाला सफाई को लेकर हुई लापरवाही से हर बरसात में जलभराव की समस्या सामने आ रही है। मंगलवार से बुधवार सुबह तक लगातार हुई बरसात से तो शहर के कई मुहल्लों की गलियां दोपहर तक भरी रहीं। लोगों के घरों तक में पानी भर गया।
घंटाघर बाजार, राठ रोड बाजार में कई दुकानों के अंदर पानी भर गया। यही हाल कोंच, कालपी, जालौन, माधौगढ़ तहसील क्षेत्रों का रहा। लगातार बरसात से यहां भी कस्बा व गांव क्षेत्र में जलभराव की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ा।
वहीं बारिश से कच्चे मकानों पर आफत आ गई। इससे करीब 50 से अधिक मकान गिर गए। इससे गृहस्थी व अन्य सामान जरूर नष्ट हो गया लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। राजस्व विभाग की टीमों को घरगिरी का सर्वे करने के लिए लगाया गया है।

जलमग्न हुई गोशाला
कुठौंद ब्लॉक के ग्राम बावली स्थित गोशाला में बारिश के बाद जलभराव से गोवंशियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रात में हुई भारी बारिश के बाद गोशाला परिसर में पानी भर गया। इससे तीन गोवंशियों की हालत गंभीर हो गई।
सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रवि तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बीमार गोवंशियों का उपचार शुरू कराया। ग्रामीणों ने कहा कि गोशाला में कभी भी सफाई नहीं होती और कीचड़ भरा रहता है। जिससे बीमारी के कारण कई गोवंशियों असमय मर चुके हैं। बीडीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया गोशाला से पानी निकालकर गोवंशियों को सुरक्षित किया जाएगा।
प्राथमिक अस्पताल चारों ओर पानी ही पानी
बीते दो दिन से हो रही बारिश से कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर घुटनों तक जलभराव हो गया है जिस कारण मंगलवार को संबंधित चिकित्सक नदारत रहे। मरीजों को भी इलाज के लिए अन्य जगह भटकना पड़ा।
नाला की सफाई न होने से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। चार-पांच बरस से हर बार बारिश में अस्पताल के आसपास एरिया में तालाबनुमा जल भराव रहता है।
ग्रामीण अश्विनी सेंगर, अजीत सिंह, दिनेश गुप्ता, गजेंद्र सिह ने बताया कि अस्पताल के चारों तरफ जल निकासी का समाधान सालों से नहीं हो पा रहा है। बीडीओ अरुण कुमार सिंह का कहना है कि मामले को संज्ञान में लेकर उचित समाधान निकाला जाएगा।

ऊद का रपटा डूबा
लगातार हो रही बारिश से बाबई-सिरसा कलार मार्ग पर बने हथना गांव के पास मलंगा नाले पर बना रपटा पुल डूबने से हर वर्ष करीब 50 गांव का आवागमन बंद हो जाता है। लोगों को उरई, जालौन जाने के लिए काफी चक्कर लगाना पड़ता है। इसी तरह ऊद गांव के लोग भी गांव के बाहर रास्ते पर बना रपटा पुल डूब गया है।
तहसील परिसर में भरा पानी
माधौगढ़ कस्बे में तहसील भवन के चारों तरफ बारिश के बाद पानी भर गया है। इस कारण नायब तहसीलदार भुभिनेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर नाला की जेसीबी और कर्मचारियों को लगाकर नाला की सफाई कराई गई। जिससे कि तहसील का पानी निकल सके और वहां आने वाले अधिवक्ता व वादकारियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
एसडीएम मनोज प्रकाश ने कहा कि गर्मियों में नाला की सफाई न होने से तहसील परिसर में पानी न भरने की वजह से सफाई कराई जा रही है।
दीवार गिरने से सामान हुआ खराब
आटा कस्बा निवासी अनिकेत अहिरवार के पास एक कच्चा कमरा था। उसी में वह खाना बनाता और उसी में रात के समय सोता था। बारिश के चलते उसके कमरे की दीवार गिर गयी जिससे उसका सामान बर्बाद हो गया और अब रात गुजारने के लिए वह किराए पर कमरा देख रहा है। उसने कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास के लिए गुहार भी लगाई लेकिन अभी तक उसका नाम सूची में नहीं जोड़ा गया।
बेटी की शादी करनी नहीं बनवा सके पक्का घर, कच्चा गिरा
सिरसा कलार क्षेत्र के सिम्हारा, दमरास, खड़गुई, लोहई, गधेला, तरसौर सहित कई गांव में कई परिवार बरसात में कच्चे घरों में जान हथेली पर रखकर रहने को मजबूर हैं। गरीबों को अभी भी पात्रता सूची में नहीं रखा है जिसके कारण बरसात में गरीबों को तिरपाल का सहारा लेना पड़ता है।
ग्राम सिमहारा निवासी मजदूर बंसीलाल राठौर का कच्चा घर भरभराकर गिर गया जिससे उसकी घर गृहस्थी का सामान, 15 क्विंटल भूसा बर्बाद हो गयाष कहा कि पुत्री की शादी करनी है इस वजह से मकान बनवाने के लिए रुपए नहीं जुटा पाए। बीते दिनों आवास सर्वे की लिस्ट में नाम था बाद में चुनावी रंजिश के कारण कटवा दिया गया अब उनका परिवार एक ही कमरे में रहने को मजबूर है।
