जालौन [महेश प्रजापति]। जीवन की कठिनाइयों ने कभी तोड़ा तो कभी संघर्ष करने का जज्बा दिया। पिता की मृत्यु के बाद चार बहनों में तीसरे नंबर की नीतू ने कुछ करने की ठानी तो आज उनके पार्लर पर कई युवतियां प्रशिक्षण लेकर रोजगार कर रही हैं। वह अब दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। नीतू पिछले 15 वर्षों से एक सैकड़ा से अधिक महिलाओं को इस रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बना चुकी हैं। 

उरई शहर के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी नीतू के पिता सरकारी सेवा में थे। उनकी मृत्यु के बाद नौकरी सबसे बड़ी बहन को मिली जिन्होंने परिवार को संभाला और सबसे छोटे भाई कुलदीप की भी अच्छी परवरिश की लेकिन नीतू के मन में अपना कुछ करने की ललक थी कि वह भी परिवार का सहयोग करेंगी। 

कठनाइयों के बावजूद नहीं मानी हार

पढ़ाई पूरी करने के बाद नीतू ने दिल्ली के साथ कानपुर में ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया और 2007 में घर पर की पार्लर खोल दिया। शुरू में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और काम भी कम मिला लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 

साथ ही उन्होंने अपनी पार्लर पर कई युवतियों को भी इस हुनर से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और प्रशिक्षण भी स्वयं निशुल्क दिया। जिसके बाद आज उनकी साथ आठ युवतियां प्रशिक्षण ले रही हैं और चार युवतियां उनके साथ काम कर रही हैं। जिनकी आय से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। 

बेटी ने बढ़ाया गौरव, भाई को बनाया अध्यापक

नीतू की शादी 2018 में हुई थी और वह अपनी मां के साथ घर पर ही रहती थीं और वहीं से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती थीं। नीतू अपने परिवार के साथ ही अपनी मां का पूरी तरह ख्याल रखती हैं और वह अपने माता-पिता का महिलाओं व युवतियों को प्रशिक्षण देकर नाम रोशन कर रही हैं। सभी बहनों के प्रयास से उनका सबसे छोटा भाई कुलदीप भी आज अध्यापक बन गया है। जिससे भी परिवार एकसूत्र में बंधा हुआ है।

Edited By: mahesh prajapati

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