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जालौन में दिव्यांग बच्चों को भी मिलेगी पेंशन, शिक्षा विभाग बनवा रहा प्रमाण पत्र

Published: Thu, 15 Oct 2026 03:41 PM (IST)

जालौन में अब दिव्यांग बच्चों को जन्म से ही पेंशन योजना का लाभ मिलेगा, पहले यह सुविधा 18 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए थी।

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जागरण संवाददाता, जालौन। शासन अभी तक 40 प्रतिशत से अधिक वाले दिव्यांग को ही प्रतिमाह एक हजार रुपये पेंशन देता है। जिससे दिव्यांग बच्चों के अभिभावक प्रमाण पत्र बनवाने के बाद भी उनके व्यस्क होने का इंतजार करते थे। इस कारण उनके इलाज, व खर्च में भी अभिभावकों को परेशानी होती थी।

अब शासन ने इसमें बदलाव कर दिया है। बचपन से ही दिव्यांग बच्चों की जांच के बाद प्रमाण पत्र बनवाए जाएंगे और उन्हें भी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। जिले में इस वर्ष शिक्षा विभाग के माध्यम से असेसमेंट कैंप लगवाकर 283 बच्चों के प्रमाण पत्र जारी करवाए हैं।

अब बच्चों के अभिभावक भी फार्म भर सकते हैं। जिससे कि उन्हें सालाना 12 हजार रुपये पेंशन मिलने से बच्चों को खर्च व पढ़ाई का सामान खरीदने में आसानी हो सकेगी। एक साल में 14 स्थानों पर कैंप लगवाए गए हैं। प्रभारी जन अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि अगर शासनादेश आएगा तो निश्चित सभी बच्चों को पेंशन दिलाई जाएगी।

अब तक जो भी बच्चे दिव्यांग होते थे तो उनके पढ़ाई के साथ निजी खर्च भी अभिभावक उठाते थे। जब तक दिव्यांग 18 वर्ष का नहीं हो जाता था उसके सरकार की ज्यादातर योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। अब इसमें बदलाव किया गया है।

अब बच्चे का जन्म से ही डाक्टर उसकी कैटेगरी के हिसाब से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। जिसमें शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक शिवदीन चौधरी काफी सहयोग कर रहे हैं। वह सरकार के निर्देशानुसार हर वर्ष असेसमेंट कैंप लगवाकर बच्चों को दिव्यांग प्रमाण पत्र बन रहे हैं।

इस कारण तीन साल में 928 बच्चों को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं लेकिन अभी तक इन बच्चों को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। शासनादेश था कि 18 वर्ष का आयु पूरी होने के बाद ही दिव्यांग बच्चों को पेंशन का लाभ मिलेगा।

अब सरकार ने घोषणा कर दी है जो बच्चे जन्म से दिव्यांग हैं उनको भी प्रमाण पत्र जारी कराकर पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। इससे अभिभावकों को एक हजार रुपये प्रति के हिसाब से सालाना 12 हजार रुपये दिव्यांग बच्चे की पेंशन मिलेगी। जिससे उसके पढ़ाई, निजी खर्च में अभिभावकों को अब काफी सहयोग मिलेगा।

तीन साल में बने 928 प्रमाण पत्र

शिक्षा विभाग के असेसमेंट कैंप से बच्चों को प्रमाण पत्र बनवाने का लाभ मिल रहा है। उनकी दिव्यांगता के हिसाब से डाक्टरों की टीम जांच करती है और कितने प्रतिशत बच्चा दिव्यांग है रिपोर्ट लगवाकर प्रमाण पत्र जारी कराया जाता है। वर्ष 2024-25 में 350, 2025-26 में 310 व 2026-27 में 268 बच्चों के प्रमाण पत्र जारी करा दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग की तरफ से लगातार दिव्यांग बच्चों की काउंसलिंग कराई जा रही है। इसके बाद उनके प्रमाण पत्र बनवाकर उन्हें योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। अब सरकार इन बच्चों को पेंशन भी देगी।

विकास चौधरी, बीएसए