जागरण संवाददाता, उरई : शहर में बारिश थमने और उमस बढ़ने के साथ ही मौसमी बीमारियों का कहर बढ़ गया है। डेंगू, वायरल बुखार, डायरिया और टाइफायड के मरीजों से अस्पताल फुल हो गए है। शरीर में दर्द, कंपकपी के साथ आ रहा तेज बुखार लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से तीमारदार भी परेशान हो रहे हैं।

कोरोना के मरीज अब नहीं आ रहे लेकिन सर्दी, जुकाम, बुखार, निमोनिया का प्रकोप अधिक बढ़ गया है। इस वजह से जिला अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोग टाइफाइड, मलेरिया की भी जांच करा रहे हैं। इनमें से रोगियों की तादाद 80 फीसद से अधिक होती है, 20 फीसद में दुर्घटना, अन्य कार्यों के लिए पर्चे बनाए जाते हैं। बच्चों में बुखार-जुकाम और निमोनिया अधिक देखने को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की भीड़ एकत्रित होती है। सर्दी, जुकाम व बुखार देखने के लिए सिर्फ एक चिकित्सक के सहारे व्यवस्था दी जा रही है। हाल यह है कि दिनभर मारामारी रहती है। शुक्रवार को भी अस्पताल में काफी भीड़ रही। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. एसपी सिंह ने बताया कि दिन में तो मौसम गर्म होता है, लेकिन सुबह और रात में पहनावे पर ध्यान रखना चाहिए। दिन में लोग घर से कम कपड़े पहनकर निकलते हैं और शाम को घर पहुंचते-पहुंचते मौसम ठंडा हो जाता है। इसके साथ ही ठंडी चीजों से परहेज रखें। बच्चों को सुबह होते ही बेड से उठकर सीधे बाहर न जाने दें। सुबह फर्श पर नंगे पैर चलने से बचें।

--------------------------शुक्रवार को बनाए 915 पर्चे शुक्रवार को 915 पर्चे बनाए गए। वहीं आम दिनों में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज ही आते थे, लेकिन अब मरीजों की संख्या 150 से ज्यादा हो गई है। लोगों को अपने खान-पान पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। तभी स्वस्थ रह सकते हैं।

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