जागरण संवाददाता, उरई : अवैध संबंधों के चलते दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। सिरसा कलार थानाक्षेत्र के पीपा पुल के पास बोरे में बंद मिले युवक के शव की तफ्तीश में जुटी पुलिस के हाथ हत्यारोपियों तक पहुंचने के बाद पूरी कहानी सामने आई। जांच टीम को डबल मर्डर का अंदेशा तभी हो गया था, जब सरैनी गांव से एक महिला को हिरासत में लेने के बाद युवक व महिला के कपड़े बरामद किए थे। दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान पूरी कहानी बयां की।

उन्होंने बताया कि ग्राम पाल सरैनी में युवक के साथ उसकी प्रेमिका की भी हत्या की गई थी। बाद में हत्यारोपी शवों को अलग-अलग बोरे में भरकर यमुना में फेंकने गए थे। युवती का शव आरोपियों ने ठिकाने लगा दिया लेकिन इसी बीच कुछ वाहन गुजरने से आरोपी बोरे में बंद शव को पुल के नीचे ही छोड़कर भाग गए। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है जो मारी गई युवती की रिश्तेदार है। अन्य की तलाश की जा रही है।

यह है मामला : शुक्रवार को चुर्खी थाना क्षेत्र के नूरपुर निवासी 30 वर्षीय राजवीर ¨सह का शव पाल सरैनी पुल के पास बोरे में बंद मिला था। कातिलों तक पहुंचने के लिए जुटी पुलिस ने रविवार को सरैनी गांव से एक महिला को हिरासत में लिया और पूछताछ की। एएसपी ने बताया कि राजवीर की हत्या में थाना कुठौंद के हसनपुर निवासी पूरन ¨सह, लल्लू बेटा, राजू ¨सह व आनंद पाल के अलावा सरैनी की भगवती भी शामिल थी। बताया कि हत्या भगवती के सरैनी गांव स्थित घर में की गई थी। राजवीर के साथ उसकी प्रेमिका निशा की भी हत्या की गई थी। निशा का शव आरोपियों ने यमुना नदी में फेंक दिया। शव को बरामद करने की कोशिश की जा रही है।

इस वजह से हुई राजवीर की हत्या : ग्राम हसनपुर निवासी लल्लू बेटा ने अपनी पुत्री निशा की शादी रूरा अड्डू गांव के माधौ ¨सह के साथ की थी। माधौ ¨सह व राजवीर दोनों गुजरात में एक ही कारखाने में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। वहां पर राजवीर ने माधौ की पत्नी निशा से नजदीकियां बना लीं। इसकी भनक जब माधौ ¨सह को लगी तो उसने राजवीर से दूरी बना ली। इसी बात को लेकर पत्नी से भी उसका विवाद होने लगा। बाद में निशा मायके में आकर रहने लगी पर राजवीर से उसका मिलना जुलना बना रहा।

बदनामी से बचने को उतारा मौत के घाट : दोनों के प्रेम संबंधों की बात सबको पता चलने पर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से निशा व राजवीर को मिलने का मौका दिया। सरैनी गांव में दोनों को बुलाकर उनकी हत्या कर दी गई। पूरन व भगवती को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

आरोपियों को पछतावा नहीं : राजवीर व निशा की हत्या के आरोप में पकड़ी गई भगवती एवं पूरन ¨सह को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उन्हें लगता है कि यदि राजवीर का शव ठिकाने लग गया होता तो कत्ल का राज कभी नहीं खुलता क्योंकि राजवीर के घर वालों को तो इस बात की भी जानकारी नहीं थी कि वह गुजरात से कब यहां पहुंचा।

Posted By: Jagran

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