जागरण संवाददाता, उरई : मौसम विभाग ने 22 व 23 जनवरी को से बारिश होने के आसार बताए थे। शुक्रवार की रात को शुरु हुई बारिश से किसानों के चेहरों को चिता की लकीरे साफ दिखाई दीं। शनिवार की सुबह बारिश ज्यादा तेज नहीं हुई लेकिन इस बारिश से चना व मसूर की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है । वहीं मटर की फली तोड़ने में भी एक दिन देरी होगी।

शुक्रवार की रात 12 बजे से बूंदाबांदी शुरु हो गई थी। शनिवार की सुबह भी हल्की-हल्की बारिश जारी रही। बारिश जब शुरु हुई तो किसानों की चिता बढ़ गई। किसानों को लग रहा था कि अगर बारिश तेज हो गई तो फसलों को काफी क्षति पहुंच सकती है। शनिवार को कई बार रुक-रुककर रिमझिम बारिश होने पर दोपहर बाद बारिश रुक गई। धूप तो नहीं निकली लेकिन बारिश रुकने से किसानों ने राहत की सांस ली। इस बारिश से मटर, गेहूं, सरसों की फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है। कृषि विज्ञानी के अनुसार अगर बारिश तेज होती है तो सभी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इस बारिश से सरसों की फसल में माहू लगने का खतरा कम रहेगा। कई दिनों से लगातार पड़ रहे कोहरे कारण फसलों पर पाला पड़ने के आसार होने लगे थे लेकिन अब बारिश हो जाने से पाला नहीं पड़ेगा।

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हल्की बारिश से खेतों में नहीं भरेगा पानी

शनिवार को बारिश तेज नहीं हुई है। जिससे खेतों की फसलों को भी नुकसान नहीं होगा। क्योंकि खेत में पानी भर जाने पर फसल सड़ने के खतरा मंडराने लगता है। अगर बारिश और तेज होगी तो खेतों में पानी भर जाएगा।

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चने की फसल को पहुंच सकता नुकसान

जो बारिश हुई है उससे किसी भी फसल को अधिक नुकसान नहीं होगा। क्योंकि अभी हल्की बारिश हुई है। हालांकि अगर अब तेज बारिश होती है तो सबसे अधिक चने की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। अभी भी कुछ प्रतिशत नुकसान होगा। फिलहाल चने की फसल में कुछ पैदावार घटेगी।

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फसलों पर ज्यादा नहीं पड़ा असर :

शनिवार की सुबह जो बारिश हुई है इससे फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। अगर बारिश तेजी और अधिक देर तक होती तो शायद चना, मटर व मसूर की फसल को नुकसान हो जाता। क्योंकि मटर, चना, मसूर की फसलें फूल पर हैं जिससे फूल झड़ने पर पैदावार में कमी आ सकती थी।

किसानों की बात :

बारिश शुरु हुई तो लग रहा था कि अब फसलों में नुकसान होने वाला है। शनिवार को दोपहर तक रिमझिम बारिश होने के बाद रुक गई जिससे काफी राहत मिली। मोहर सिंह

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अगर बारिश तेज हो जाती या फिर आने वाले दिनों में तेज बारिश होती है तो निश्चित ही फसलों को भारी नुकसान पहुंचेगा। इसलिए भगवान से प्रार्थना है कि अब बारिश न हो।

राजेश कुमार

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जिम्मेदार बोले :

बारिश अभी इतनी तेज नहीं हुई है कि किसी भी फसल को नुकसान पहुंच सके। हल्की बूंदाबांदी से फसलों को कुछ लाभ ही होगा। अगर बारिश तेज होती है तो सबसे अधिक मसूर व चना का नुकसान होगा।

डा. राजीव कुमार सिंह, कृषि विज्ञानी

Edited By: Jagran