संवाद सूत्र, रामपुरा : क्षेत्र की पहुज व ¨सध नदी में हो रही बेतहाशा बाढ़ से क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है। चारों ओर पानी के कारण जहां नदिया पार के दो दर्जन गांव सहित मध्यप्रदेश का भी संपर्क कट गया है वहीं किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल भी जलमग्न हो गई है। किसानों के माथ पर ¨चता की लकीरें उभर आई हैं। प्रशासन द्वारा कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया जा रहा है।

बताते चलें कि बरसात में अब नदियों ने भी अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जिससे खास तौर पर नदियापार की स्थिति ज्यादा गंभीर होती जा रही है। रामपुरा क्षेत्र में पहुज व ¨सध नदी में आई बेतहाशा बाढ़ से लोग घबराने लगे हैं। किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। जिससे किसानों को आगे की ¨चता सताने लगी है। बाढ़ से डिकौली जागीर, निनावली जागीर, भेलावली, सिद्धपुरा, हु़कूमपुरा, बिलौड़, जखेता, सुल्तानपुरा, जायघा आदि गांवों की जमीन में बोई गई फसल जलमग्न हो गई है।

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इन गांवों का टूटा संपर्क

नदियापर के ग्राम नरौल, कुसेपुरा, चंदनपुरा, राठौरनपुरा, हनुमंतपुरा, खोड़न, कदमपुरा, लक्ष्मणपुरा, बेड, बिलौड़, जखेता, हु़कूमपुरा, सुल्तानपुरा, डिकौली, रिठौरा, मिर्जापुरा, मड़ैया अंगड़ेला आदि सहित मध्यप्रदेश के मछंड, मिहौना सहित पूरे मध्यप्रदेश का संपर्क टूट गया है।

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कुसेपुरा में रोड पर भारी जलभराव

नरौल के पास ग्राम कुसेपुरा में नीची बनी पुलिया पर बहुत ज्यादा पानी आ जाने से आवागमन पूर्णत: ठप हो गया है। ऐसे में यदि कोई बीमार हो जाए तो अस्पताल तक भी नहीं आ सकेंगे। हाट बाजार स्कूल कालेज नाते रिश्तेदारों के भी यहां जाने का रास्ता बंद हो चुका है। लोग अपने अपने घरों में कैद होकर बैठने को मजबूर हो गए हैं।

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जगम्मनपुर क्षेत्र के गांव खतरे में

जगम्मनपुर क्षेत्र में यमुना नदी में आई बाढ़ से ग्राम पूरा, महटौली, गुढ़ा, बेरा, हिम्मतपुर आदि गांवों में भी खतरे के संकेत हैं।

बोले जिम्मेदार

इस संबंध में एसडीएम मनोज कुमार सागर का कहना है कि बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सभी संबंधित लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है। तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है फिर भी बाढ़ से ग्रसित गांवों पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

Posted By: Jagran