गुहार

- महिलाओं ने एसडीएम को समस्या के बारे में कराया अवगत

- पात्रों की उपेक्षा और अपात्रों को सुविधाएं देने का आरोप

संवाद सहयोगी, जालौन : तांबा गांव में महिलाओं को अभी तक न तो शौचालय मिला है और न ही उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। ऐसे में महिलाएं छप्पर के नीचे रहने को मजबूर हैं। पीड़ित महिलाओं ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर उन्हें शौचालय का लाभ दिलाने की मांग की है।

विकास खंड के ग्राम तांबा निवासी लता देवी पत्नी रामकरन, पूनम पत्नी मुकेश, गुड्डी पत्नी बृजेश, माया देवी पत्नी बलवीर, राजेश्वरी पत्नी राजनारायण रामश्री पत्नी जगराम आदि ने एसडीएम मीनू राणा को शिकायती पत्र देकर बताया कि सरकार एक ओर स्वच्छ भारत अभियान चलाकर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं। लोगों को शौचालय बनवाए जा रहे हैं लेकिन उनके गांव में अपात्रों को तो शौचालय और आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। जबकि जो पात्र व्यक्ति हैं वे लाभ से वंचित हैं। महिलाओं ने बताया कि उनके यहां शौचालय नहीं हैं। उनके पास रहने को घर तक नहीं है। छप्पर डालकर वह उसी में रहती हैं। कभी तेज बारिश या आंधी आ जाती है तो छप्पर उड़ जाते हैं। ऐसे में खुले आसमान के नीचे सोना पड़ता है। रात में बारिश होने पर रातभर जागना पड़ता है। इतनी परेशानियां होने के बावजूद ग्राम प्रधान ने उन्हें आवास और शौचालय दोनों ही योजनाओं से वंचित रखा है। पीड़ित महिलाओं ने उन्हें आवास व शौचालय दिलाए जाने की मांग एसडीएम से की है।

Edited By: Jagran