जागरण संवाददाता, उरई : विकास भवन सभागार में हुई ¨सचाई बंधु की बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने खरीफ फसल नुकसान का क्लेम बीमा कंपनियों से दिलाए जाने की मांग की। आरोप लगाया कि प्रीमियम तो लिया जाता है लेकिन क्लेम नहीं दिया जाता है। किसानों का भारी नुकसान होता है। बीमा कंपनियां फायदे में रहती हैं। इसके अलावा अन्य कई प्रस्तावों पर सहमति बनी।

मंगलवार को विकास भवन सभागार में सीडीओ एबी ¨सह की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर किसानों की समस्याओं का समाधान कराए जाने की बात रखी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम ¨सह लंबरदार ने कहा कि फसलों का बीमा क्लेम न मिल पाना बहुत बड़ी समस्या है। इस बार भी खरीफ फसलों का नुकसान हुआ है। भारी बारिश से फसलें जलमग्न हो गई हैं। प्रीमियम काटा गया है जिससे किसानों का हक बनता है कि उनको फसलों के नुकसान का क्लेम मिले। बीमा कंपनियों के बड़े अधिकारियों को बुलाकर इस समस्या पर बात की जाए ताकि किसानों के नुकसान की भरपाई हो सके। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर ¨सह जादौन ने कहा कि नहरों के संचालन का निर्धारण वर्षा के उपरांत किया जाए। जिस समय किसानों को आवश्यकता हो उसी समय नहरें चलाई जाएं। इसके साथ ही मलंगा नाले की सिल्ट सफाई भी कराई जाए। जिस पर तय किया गया कि मनरेगा से नाले की सिल्ट सफाई कराई जाएगी। किसान प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी लाइन लास को रोकने का काम करें। ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बहाल रखी जाए। इस पर ¨सचाई बंधु समिति के उपाध्यक्ष महेश चंद पांडेय ने कहा कि गांवों में बिजली बाधित न हो इसका प्रयास अधिकारियों को करना चाहिए। इस मौके पर उप निदेशक कृषि आरके तिवारी, अधिशासी अभियंता बेतवा नहर प्रथम एसपी ¨सह, अधिशासी अभियंता बेतवा नहर द्वितीय राकेश कुमार वर्मा सहित कई अधिकारी व किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran