संवाद सहयोगी, कोंच : नगर के परिषदीय विद्यालयों की स्थिति जर्जर बनी हुई है। शिक्षा रूपी इन मंदिरों में पढ़ने वाले बच्चों पर आए दिन खतरा मंडराता रहता है। अभी तक जिम्मेदारों ने जर्जर हो चुके भवनों की कोई सुधि नही ली।नगर में परिषदीय विद्यालय अब पढ़ने और पढ़ाने लायक नहीं रहे। टीन की चद्दरों की छतों के नीचे बैठे बच्चे न तो गर्मियों में तेज घूप सहन कर पाते हैं और न बरसात के दिनों में पानी से भीगने से बच पाते हैं। सर्दियों में चलती तेज ठंडी हवा बच्चों को पढ़ने नहीं देती। वर्षो से इन जर्जर विद्यालयों में शिक्षकों के लिए शिक्षण कार्य करना किसी चुनौती से कम नहीं है।

इन विद्यालयों में नहीं है पक्की छत :

नगर के चार प्राथमिक विद्यालयों में पक्की छतें नहीं हैं। जिनमें प्राथमिक विद्यालय सुभाष नगर, प्राथमिक विद्यालय भगत सिंह नगर, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मी कन्या एवं प्राथमिक विद्यालय मालवीय नगर हैं। किसी तरह टीन डालकर बच्चों ने यहां पढ़ाया जा रहा है। इसके बाद भी किसी ने इन विद्यालयों की छतें पक्की कराने की सुध नहीं ली है।

431 बच्चे होते परेशान

चारों विद्यालयों की छतें नहीं हैं। इनमें विद्यालयों में 431 बच्चे पंजीकृत हैं जो बरसात, सर्दी व गर्मी के मौसम में पढ़ाई के लिए परेशान होते हैं। अध्यापकों ने कई बार छतें डलवाने के लिए आला अधिकारियों से शिकायत की लेकिन किसी ने सुध नहीं है।

बीईओ सुशील कमल ने बताया कि विभाग के पास भवनों का जीर्णोद्धार कराने के लिए स्वयं का कोई बजट नहीं रहता। कायाकल्प योजना के तहत नगर पालिका को इन विद्यालयों की मरम्मत के लिए 20 लाख रुपये तक के प्रस्ताव भेजे गए हैं। जिन्हें जल्द ही नगर पालिका के द्वारा जर्जर भवनों का कायाकल्प करवाया जाएगा।

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Edited By: Jagran