उरई, निज प्रतिनिधि : जिलाधिकारी राजशेखर ने रविवार को नगर पालिका कार्यालय का सघन निरीक्षण किया। रिकार्ड के रखरखाव की बुरी दशा को लेकर उनका पारा गर्म हो गया। कई रजिस्टर और कागज कटे फटे थे। उन्होंने सभी को दुरुस्त कराने को कहा। पालिका की दुकानों के किराये की वसूली में उन्हे गड़बड़ी का आभास मिला। सफाई प्रबंध में लापरवाही को लेकर उन्होंने बेहद कड़े रुख का परिचय दिया।

दुकानदारों को बेजा फायदा

पालिका की किराये पर संचालित दुकानों में डीएम को अंधा पीसे कुत्ते खायें की हालत देखने को मिली। बताया गया है कि 625 दुकानें है जिनमें से कई के अनुबंध का समय समाप्त हो चुका है। नया अनुबंध करने पर किराये में वर्तमान स्थिति के मुताबिक बढ़ोत्तरी कर पालिका की आय बढ़ायी जा सकती है लेकिन दुकानदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने और निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए ऐसा करने पर ध्यान नहीं दिया गया। प्रमुख बाजारों की कुछ दुकानों के किराये निर्धारण में उन्हे घपला नजर आया। डीएम ने अधिशाषी अधिकारी आरके शर्मा को लताड़ा। कहा कि जिन दुकानदारों का अनुबंध समाप्त हो चुका है उन्हे चिह्नित कर तत्काल नोटिस जारी करायें। बाजार की दर से काफी कम किराये वाली दुकानों के किराये का पुन: निर्धारण करने की कार्रवाई करे।

सफाई कर्मियों की फौज फिर भी गंदगी

डीएम ने सफाई कर्मियों की संख्या की जानकारी ली। 412 सफाई कर्मियों की संख्या पर उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी फौज के बावजूद शहर में गंदगी का साम्राज्य नजर आता है। इसमें फौरन सुधार किया जाये। अगर किसी मोहल्ले से गंदगी की शिकायत आती है तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

डंपिंग ग्राउंड पर ही फिकवायें कूड़ा

जिलाधिकारी ने पूछा कि कूड़ा निस्तारण के लिए कोई जगह चुनी गयी है या नहीं। बताया गया कि जालौन रोड पर मरगायां में जिस जमीन को डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित किया गया था, उसे बाद में केंद्रीय स्कूल के लिए प्रस्तावित कर दिया गया जिससे कोई काम नहीं हो सका। उन्होंने जानकारी चाही कि केंद्रीय विद्यालय का क्या हुआ तो बताया गया कि उक्त जगह को हरी झंडी देने से भारत सरकार मना कर चुकी है। जिलाधिकारी बोले कि इसके बाद डंपिंग ग्राउंड के रूप में जगह के इस्तेमाल की तैयारी क्यों नहीं की गयी। शहर के बीच में कूड़े का जमाव किये जाने से आबादी बीमारी का शिकार हो रही है। तत्काल मरगायां में आरक्षित जमीन पर ही शहर का कूड़ा फिकवाने की व्यवस्था की जाये। निरीक्षण में डीएम के साथ मुख्य विकास अधिकारी सुरेद्र विक्रम, प्रशासक और एडीएम लोकपाल सिंह, एसडीएम ज्ञानेश्वर थे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. जीप्रसाद व लाइट इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद राठौर से भी जानकारियां लीं।

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