जागरण संवाददाता, उरई : जनपद में आखिरी दिन सोमवार तक 85 हजार मीट्रिक टन तक गेहूं की खरीद की जा सकी। अभी भी तमाम किसान गेहूं बेचने से वंचित रह गए हैं। कुछ प्रभारियों की शिथिलता के चलते बहुत के किसानों का गेहूं नहीं तौला जा सका। खरीद की तिथि बढ़ाई जा सकती है इसको लेकर फिलहाल विभागीय अधिकारी कुछ नहीं कह रहे हैं।

जनपद में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद चल रही है। इस बार जिले को कोई लक्ष्य आवंटित नहीं किया गया। किसानों को पंजीकरण के आधार पर गेहूं बेचना था। शुरुआती चरण में खरीद धीमी गति से हुई क्योंकि बहुत से किसानों का गेहूं कटाई के लिए खेतों में खड़ा था। जब पूरी फसल की कटाई हो गई तो पंजीकरण के लिए मारामारी मची। हालांकि जिला प्रशासन व विपणन अधिकारी ने किसानों की सहूलियत के लिए प्रबंध किए थे लेकिन खरीद केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते बड़ी संख्या में किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा सका है। सोमवार को गेहूं खरीद का अतिम दिन था। अभी भी तमाम किसान गेहूं की बिक्री को लेकर आशांवित हैं लेकिन फिलहाल अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। अगर गेहूं की खरीद तिथि नहीं बढ़ती है तो किसानों को व्यापारियों को अपना गेहूं बेचना मजबूरी होगी। किसानों की परेशानी

- सभी किसान अपना गेहूं नहीं बेच पाए हैं। खरीद की तिथि को बढ़ाया जाए तो यह किसानों के हित में रहेगा।

रामशंकर द्विवेदी - किसानों का गेहूं तौल लिया जाता लेकिन हीलाहवाली के चलते खरीद में विलंब हुआ है। अब किसानों को परेशानी होगी।

विनोद सिंह कोट

लगभग सभी किसानों का गेहूं खरीदने की कोशिश की गई है। कहीं भी लापरवाही नहीं की गई है। लगातार खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। अगर तिथि बढ़ती है तो किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। फिलहाल शासन स्तर से कोई आदेश नहीं आया है।

विकास तिवारी, जिला विपणन अधिकारी

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