यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दहेज उत्पीड़न के 99 फीसद मामले फर्जी
उरई, जागरण संवाददाता : राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता गुप्ता ने कहा है कि दहेज उत्पीड़न के 99 फीसदी म

उरई, जागरण संवाददाता : राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता गुप्ता ने कहा है कि दहेज उत्पीड़न के 99 फीसदी मामले फर्जी होते हैं। इसको लोग व्यवसाय के तौर पर इस्तेमाल करने लगे हैं। रही महिला उत्पीड़न की बात तो इसमें तेजी से गिरावट आई है। प्रदेश में महिलाओं पर उत्पीड़न के मामले बहुत कम मिलेंगे। जो मामले आयोग के समक्ष आते हैं उनका निस्तारण समय पर करवा दिया जाता है।
लोक निर्माण निरीक्षण भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि दहेज निवारण अधिनियम का लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। दहेज से संबंधित 99 फीसद मामले एकदम फर्जी होते हैं। लोगों को सकारात्मक सोच अपनाते हुए दहेज से संबंधित बनाये गये कानून का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न के मामले ही लें, इसमें तेजी से गिरावट आई है। पहले जैसी बात अब नहीं रही। सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सुविधाएं मुहैया कराई हैं जहां पर महिलाएं उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकती हैं। इनमें तुरंत कार्रवाई भी जाती है। राज्य महिला आयोग में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामले लंबित ही नहीं है। जो मामले आते हैं उनका निराकरण करवा दिया जाता है।
