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पानी देखते ही गुर्राने लगा युवक, कुत्ता काटने की बात छिपाना पड़ा भारी, डॉक्टर ने बताया क्या करें क्या ना करें!

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:36 PM (IST)

हाथरस के सासनी में एक युवक ने कुत्ते के काटने की बात परिवार से छिपाई, जिसके कुछ दिन बाद उसकी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. युवक ने कुत्ते के काटने की घटना परिवार से छिपाई

  2. कुछ दिन बाद पानी देखते ही गुर्राने लगा, हालत गंभीर

  3. डॉक्टरों ने घाव धोकर तत्काल टीका लगवाने की सलाह दी

जागरण संवाददाता, हाथरस। कुत्ते के काटने की घटना परिवार से छिपाना सासनी के गांव सहजपुरा निवासी एक युवक पर भारी पड़ गया। कुछ दिन बाद मंगलवार तड़के उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। वह अजीबोगरीब हरकतें करने लगा और पानी सामने आते ही गुर्राने लगा। युवक की हालत देखकर स्वजन घबरा गए और उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया।
सासनी के गांव सहजपुरा निवासी 30 वर्षीय महेश कुमार मेहनत मजदूरी करता है और अविवाहित है। स्वजन के अनुसार, कुछ दिन पहले महेश को कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन उसने इसकी जानकारी परिवार के किसी सदस्य को नहीं दी। कुत्ते ने उसे किस दिन काटा था, इसकी जानकारी भी स्वजन को नहीं है।

hathras dog bit men

पीड़ित युवक।

कुत्ते के काटने के कुछ दिन बाद बिगड़ी हालत

मंगलवार तड़के करीब चार बजे महेश का व्यवहार अचानक असामान्य हो गया। वह अजीब हरकतें करने लगा। पानी सामने आते ही वह गुर्राने लगा। उसकी स्थिति देखकर स्वजन को कुत्ते के काटने की घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने भर्ती कर उपचार शुरू किया।

महेश की हालत गंभीीर

स्वजन के मुताबिक महेश की हालत गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकीय जांच के बाद ही उसकी बीमारी और स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। पानी देखकर डरना या असामान्य व्यवहार रेबीज के गंभीर लक्षणों में शामिल हो सकता है, लेकिन किसी व्यक्ति में इन लक्षणों के आधार पर स्वयं बीमारी तय नहीं की जा सकती।

क्या करें

  • घाव को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएं
  • जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें
  • चिकित्सक की सलाह के अनुसार रेबीज रोधी टीका लगवाएं
  • काटने की घटना को परिवार से न छिपाएं और उपचार का पूरा क्रम जारी रखें

क्या न करें

  • घाव पर मिर्च, चूना, तेल या कोई घरेलू पदार्थ न लगाएं
  • घाव को कसकर बांधने या खुद से इलाज करने से बचें
  • लक्षण आने का इंतजार न करें, काटने के बाद ही उपचार शुरू कराना जरूरी है
  • टीकाकरण शुरू होने के बाद चिकित्सक की सलाह के बिना उसे बीच में न छोड़ें

घाव को तुरंत धोएं, टीका लगवाने में देरी न करें

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर सूर्य प्रकाश ने बताया कि कुत्ते या किसी संदिग्ध जानवर के काटने पर घाव को तत्काल साबुन और बहते पानी से करीब 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेकर रेबीज रोधी टीका लगवाना चाहिए। गहरे घाव या चिकित्सक द्वारा बताए जाने पर अन्य आवश्यक उपचार भी कराया जाता है।

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