संवाद सहयोगी, हाथरस : कोरोना से निराश्रित बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के ²ष्टिगत मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी रमेश रंजन की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाते हुए चयनित 20 बच्चों को प्रमाणपत्र दिए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से माता-पिता को खो चुके 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 4 हजार रुपये मासिक की दर से 3 माह की धनराशि स्वीकृत की गई है। संचालन करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि 20 में से 4 बच्चों ने अपनी मां, 15 बच्चों ने अपने पिता को तथा एक बच्चे ने अपने माता एवं पिता दोनों को खोया है। इन बच्चों को सरकारी बाल संस्थाओं में निश्शुल्क आवास, 11 से 18 वर्ष के बच्चों को कक्षा 12 तक की निश्शुल्क शिक्षा, कस्तूरबा गांधी बालिका व अटल आवासीय विद्यालयों में बच्चों को प्रवेश दिलाए जा सकते हैं, जिसके लिए रुपये 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि बेटियों के विवाह हेतु इस योजना के तहत 1.1 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। कक्षा-9 या इससे ऊपर शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को टेबलेट व लैपटाप दिया जाएगा। अभिभावक की मृत्यु कोरोना के चलते एक मार्च 2020 के बाद हुई हो तो आफलाइन आवेदन ग्राम विकास, पंचायत अधिकारी, विकासखंड अधिकारी, लेखपाल, तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में घटना के 2 वर्ष के अंदर जमा किए जा सकते हैं। माता-पिता दोनों या एक की मृत्यु के दो वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। इसमें सीडीओ आरबी भास्कर, रितु रानी अग्रवाल, मोनिका गौतम, विमल कुमार शर्मा, दीपक कुमार, एनके पचौरी, रामजी वर्मा, वीरेंद्र मौजूद रहे।