संवाद सूत्र, हाथरस : सासनी में सीमेक्स इंटर नेशनल स्कूल एवं गीतांजलि इंटर कालेज में बुधवार को दैनिक जागरण की संस्कारशाला की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों ने विद्याíथयों को सोमवार के अंक में जल पुरुष राजेंद्र सिंह की कहानी 'रेगिस्तान को हरा भरा करने की जिद' सुनाई। जल के दोहन को रोकने, जल संचय करने के बारे में जानकारी दी। कहानी सुनने के बाद विद्याíथयों से सवाल जवाब भी किए, विद्याíथयों को बताया गया कि जल ही जीवन है जल है तो कल है, हम सभी को पानी की बर्बादी को रोकना ही होगा। बरसात के पानी का संचय करने के लिए हमें गांव-गांव तालाब व पोखर का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए, जिससे जमीन के अंदर वाटर लेवल कम न होने पाए। यदि जल के दोहन को न रोका गया तो 2040 तक पीने का पानी बचेगा ही नहीं। जलपुरुष राजेंद्र सिंह की पहल से हम सभी को सीख लेनी चाहिए।

इनका कहना है

संस्कारशाला की कार्यशाला के तहत पानी की बर्बादी रोकने तथा जल को संचय करने की सीख मिली। हम भी अब पानी बर्बाद होने से बचाने के लिए सभी को जागरूक करेंगे।

शालू, गीतांजलि इंटर कालेज सासनी। संस्कारशाला की कहानी सुनकर एक सीख मिली कि जल संचय के लिए हमें घर गांव के पानी को नाले नाली के बजाय तालाब जोहड़ आदि में छोड़ना चाहिए। इससे पानी की बर्बादी रुकेगी।

-तुषार, गीतांजलि इंटर कालेज सासनी। हमें जलपुरुष राजेंद्र सिंह की कहानी से बहुत सीख मिली। जल के अत्यधिक दोहन को किस प्रकार रोकना है, यह पता चला। सजग होने से ही घटते जलस्तर को रोका जा सकेगा।

-दीक्षा सीमेक्स इंटरनेशनल स्कूल सासनी। दैनिक जागरण के द्वारा चलाए जा रहे संस्कारशाला से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। घटते जल स्तर को किस प्रकार से रोका जा सकता है, इसपर काफी कुछ सीखने को मिला।

-कशिश, सीमेक्स इंटरनेशनल स्कूल सासनी।

Posted By: Jagran

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